श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शनिवार को जगह-जगह धूमधाम से
मनाई जाएगी। इस बार बाजारों में कान्हा के िलए डिजाइनर पोशाक, मोरपंख,
मुरली और गोटे, कढ़ाई, जरी के काम वाले परिधान, मोती और नगों के काम वाली
मुरली और मुकुट, जड़ाऊ झूला, स्टाइलिश मोरपंख की काफी डिमांड हैं।
जन्माष्टमी
पर सजावटी सामानों के दामों में बढ़ोत्तरी होने के बाद भी लोग दिल खोलकर
खरीददारी कर रहे हैं। दुकानों पर उमड़ रही भीड़ इस बात को दर्शा रही है।
कन्हैया की मूर्ति से लेकर सजावटी सामान तक महंगा हो गया है, लेकिन भक्तों
ने इनकी खरीददारी में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है।
आज जन्माष्टमी का
त्योहार जिले भर में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इसको देखते हुए बड़े
चौराहे से लेकर छोटे चौराहे तक व धवन रोड तिराहे पर सजावट व मूर्तियों की
दर्जनों दुकानें सज गई हैं।
शुक्रवार को लोगों ने कृष्ण जन्माष्टमी मनाने
की तैयारियां तेज करते हुए खूब खरीदारी की। हालांकि लड्डू गोपाल की
मूर्तियों से लेकर सजावट के सामानों तक में महंगाई की मार रही।
पिछले साल
की अपेक्षा इन सभी चीजों के दामों में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि
महंगाई पर आस्था भारी रही और महंगा होने के बाद भी लोगों ने मूर्तियों व
सजावटी सामानों की जमकर खरीदारी की। पिछले साल 3 रुपये प्रति पीस बिकने
वाली पतंगी इस बार चार रुपये में बिकी।
बाजार में तरह-तरह की लच्छी भी
लोगों की पसंद बनी रही। लेकिन, इनके दामों में भी तगड़ा उछाल देखने को
मिला। पिछले साल जहां ढाई मीटर की लच्छी 40-50 रुपये प्रति पीस बिकी थी,
वहीं इस बार यह बढ़कर 45 से 60 रुपये हो गई है।
मोरपंखी, माला, हाथ कंगन का
सेट इस बार 30 रुपये में मिल रहा है। जबकि बीते साल यह 25 रुपये में बिका
था। पिछले वर्ष 15 रुपये से लेकर 140 रुपये में बिके सजावटी कपड़े इस बार
25 से 150 रुपये में उपलब्ध हैं।
भगवान का सिंहासन भी इस बार 60-120 रुपये
में बिका। पीतल की मूर्ति जहां 50 से 150 रुपये में बिकी, वहीं प्लास्टर ऑफ
पेरिस की बनी मूर्तियां 20 से साढ़े तीन सौ रुपये में बाजार में उपलब्ध
रहीं। दुकानदार दिवाकर सोनी व सतीश कुमार ने बताया कि महंगाई तो सभी
वस्तुओं में है, इसलिए त्योहार पर भी उसका असर तो पड़ेगा ही।