ग्रामीणों ने एसपी को फोन कर शिकायत की। एसपी के निर्देश के बाद पुलिस ने
मृतक की दोनों मांगे मानीं तब लोग सड़क से हटे। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक
उन्नाव-हरदोई मार्ग का आवागमन ठप रहा।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के
सुल्तानपुर गांव निवासी शिवकंठ यादव (45) पुत्र रामस्वरूप बीती 12 अगस्त की
शाम को खेत से घर लौट रहे थे तभी, इसी दौरान तेज रफ्तार बाइक सवार ने
टक्कर मार दी थी।
हादसे में शिवकंठ को बांगरमऊ स्वास्थ्य केंद्र से लखनऊ
मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह
उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे।
इसके बाद सड़क हादसे में मौत की
रिपोर्ट दर्ज कराने और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बांगरमऊ कोतवाली में
तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे
नाराज परिजन और ग्रामीणों ने गांव के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।
जाम
लगाए जाने की सूचना पर पहुंचे सिपाहियों ने लाठियां पटक कर भीड़ को हटाने
का प्रयास किया मगर इससे बात और बिगड़ गई। भीड़ ने सिपाहियों के साथ भी
धक्कामुक्की की। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का
प्रयास किया मगर लोग कुछ भी सुनने को तैयार नही हुए।
ग्रामीणों ने फोन पर
एसपी को पूरे मामले की जानकारी दी इसके बाद एसपी पवन कुमार ने कोतवाली
पुलिस को शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने और
पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया तब जाकर लोग शांत हुए। इस दौरान करीब
ढाई घंटे तक जाम लगा रहा।
कोतवाली प्रभारी सतीश कुमार गौतम ने बताया कि
लोगों को गलत फहमी थी मगर वह कुछ भी सुनने को तैयार ही नहीं हुए।
उन्होंने
बताया कि मेडिकल कालेज में हुए इलाज और मृतक की मेडिकल रिपोर्ट में
एक्सीडेंट से मौत होने की बात लिखी है। इससे पोस्टमार्टम कराने की कोई
आवश्यकता ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने से कभी मना नहीं
किया गया।