बताते चलें कि गुरुवार की शाम करीब 5.30 बजे छमकनाली पुलिया संख्या-108 के ओएचई पोल संख्या-64/16 के निकट मालगाड़ी डिरेल हो गई थी। जिस कारण कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग के डाउन ट्रैक पर करीब 50 घंटे तक रूट बंद रहा था। शनिवार रात 7.30 बजे से कार्य पूरा होने के बाद यातायात बहाल कर दिया गया। रविवार को दूसरे दिन भी सभी ट्रेनों को डाउन पथ से 10 किमी./घंटा की गति से कॉशन लगाकर निकाला गया। डीआरएम लखनऊ मंडल के पीआरओ विक्रम कुमार ने बताया कि फि लहाल अभी 10 की स्पीड से ही ट्रेन तब तक गुजरेंगी जब तक इंजीनियंरिग विभाग द्वारा पटरी पर सौ की गति से चलने के लिए हरी झंडी नहीं मिल जाती। रेल यातायात बहाल करने के लिए डाउन ट्रैक पर लोहे के स्लीपर लगा दिए गए थे जिन्हें अब हटाकर उनके स्थानी पर पत्थर के स्लीपर बिछाए जाने है। जिसके बाद गति बढ़ाई जाएगी। बताया कि कार्य को पूरा करने के लिए ऐसे वक्त में ब्लाक थोड़ी-थोड़ी देर के लिए लिया जाएगा जब डाउन ट्रेक पर ट्रेनों का संचालन कम होगा।
सिर्फ एक मेमो चली, यात्री परेशान
कानपुर-लखनऊ के बीच मेमू ट्रेनों का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है। रविवार सुबह मेमू संख्या- 64204 को ही डाउन रेल पथ से निकाला गया। इसके अलावा कोई भी मेमू का संचालन डाउन ट्रैक पर दिनभर नहीं हुआ। रेलवे सूत्रों के मुताबिक मंगलवार से से मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। वहीं इस कारण कानपुर-लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफ ी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
खड़ी रही शताब्दी एक्सप्रेस
शुक्लागंज। सिग्नल न मिलने पर गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस को खड़ा कर दिया गया। ट्रेन दोपहर करीब 12.14 मिनट पर स्टेशन पर रूकी और 12.46 बजे लखनऊ को रवाना हुई। करीब आधा घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। वहीं इसके पीछे रही झांसी इंटरसिटी एक्सप्रेस भी करीब 15 मिनट रूककर लखनऊ को रवाना हुई।