उन्नाव। अल्पकालीन ऋण को मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित कर प्रदेश सरकार ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है। इसके चलते किसानों को खरीफ सीजन में नगद व उर्वरक लेने में परेशानी नहीं होगी। यह जानकारी संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता लखनऊ मंडल श्रीकांत गोस्वामी ने सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधकों की बैठक में दी।
संयुक्त आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों की शासन की मंशानुसार मदद की जाए। किसानों को अल्पकालीन ऋण का एक साल में भुगतान करना होता है। यदि किसान भुगतान नहीं करता है तो उसे नगद व उर्वरक नहीं मिल पाता है। इसके मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित होने के बाद किसानों को लोन की पूरी धनराशि एक साथ नहीं देनी होगी, बल्कि उसे पांच साल में बराबर-बराबर अदा करना होगा। इस दौरान उसे सीजन में नगद व उर्वरक मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी।
वेतन भुगतान की नई व्यवस्था लागू होने के कारण कलमबंद हड़ताल पर चले रहे सचिवों की मांगे ज्वाइंट कमिश्नर ने मान ली। यूनियन के पदाधिकारियों से संयुक्त आयुक्त ने वार्ता की। बैठक में सहायक निबंधक उन्नाव आरएस सेंगर आदि रहे।