थानाक्षेत्र के मैनीभावाखेड़ा गांव निवासी श्रीपाल के पुत्र आकाश (छह) के चेहरे पर तीन दिन पहले लाल दाने निकले थे। चेहरे में जलन होने पर मां बच्चे को पड़ोसी गांव जमालनगर में एक झोलाछाप को दिखाने ले गई। मां श्रीमती ने बताया कि झोलाछाप ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया।
कुछ दवाएं देकर जल्द आराम मिलने की बात कही। सोमवार को बच्चे के शरीर में सूजन आ गई। देर रात हालत बिगड़ने पर मंगलवार की सुबह उसे पीएचसी औरास ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। मां ने झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत का आरोप लगाया है। बेटे आकाश की मौत से माता-पिता बदहवास हो गए।
जिले में करीब एक पखवारे के अंतराल में झोलाछाप के इलाज से मौत की यह तीसरी घटना है। इससे पहले आसीवन में झोलाछाप के इलाज से 11 वर्षीय रागिनी की आंख की रोशनी चली गई थी। कानपुर के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
एक सप्ताह पहले सफीपुर में झोलाछाप के इलाज से बच्चे की मौत हो गई थी। झोलाछाप के बढ़ते मकड़जाल पर स्वास्थ्य महकमा आंखें बंद किए है। सीएमओ डा. भूपेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने झोलाछापों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की बात कही है।
उन्होंने औरास में बच्चे की मौत की जानकारी से इंकार किया है। इनका कहना है कि कोई शिकायत आती है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसओ औरास जितेंद्र सिंह ने भी घटना की जानकारी न होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी