उन्नाव। जिला अस्पताल की ओपीडी में मौसम बदलने से संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। एक तरफ जन औषधि केंद्र पर ताला है और दूसरी तरफ जिला अस्पताल के स्टोर में सभी दवाएं नहीं हैं। इससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
मौसम बदलने के साथ जिला अस्पताल मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना सर्दी, जुकाम, खासी, जोडों में दर्द सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित औसतन 1200 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन यहां दवाएं नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल के दवा वितरण कक्ष में जोड़ों में दर्द की दवा डाइक्लो जेल और खांसी का सिरप तक नहीं है। वहीं 15 दिन से जन औषधि केंद्र बंद चल रहा है। इससे मरीजों को सस्ती दवाएं भी नहीं मिल पा रही है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की शुरुआत हुई थी। इस केंद्र में जेनेरिक दवाएं मिलती हैं जो बाजार में मिलने वाली पेटेंट दवाओं की अपेक्षा काफी सस्ती होती हैं। संचालन ठप होने से मरीजों को दवाएं बाजार से दो से तीन गुना महंगी कीमत पर खरीदनी पड़ रही हैं।
इसके पूर्व भी 28 महीने बंद रहा था जन औषधि केंद्र
कोरोनाकाल में जन औषधि केंद्र को बंद कर दिया गया था। कोविड का प्रकोप थमा और केंद्र को खोलने की तैयारी की गई तो इसके लाइसेंस की समय सीमा खत्म हो गई। 23 जुलाई 2021 में लाइसेंस का नवीनीकरण होने के बाद संचालन शुरू हुआ। 15 दिन पहले औषधि निरीक्षक अशोक कुमार ने निरीक्षण किया था। खामियां मिलने पर उन्हें दुरुस्त करने के बाद ही संचालन करने की हिदायत दी थी। इसके बाद से संचालन शुरू नहीं हो सका। हालांकि लाइसेंस नवंबर माह तक मान्य है।
भेजी गई है दवाओं की डिमांड - फार्मासिस्ट
फार्मासिस्ट दिनेश वर्मा ने बताया कि जो दवाएं नहीं हैं, उनकी डिमांड भेजी गई है, उम्मीद है जल्द ही को दवाओं की आपूर्ति हो जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जन औषधि केंद्र संचालन के लिए फार्मासिस्ट को बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आए और संचालन बंद कर दिया। जल्द ही संचालन शुरू कराया जाएगा।