सदर कोतवाली पुलिस की कस्टडी में एटीएम कार्ड की क्लोनिंग के जरिए एटीएम मशीन से रुपये निकालने वाले
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उन्नाव। एटीएम मशीन में स्कीमर लगाकर कार्ड की क्लोनिंग कर रुपये निकालने वाले केरल प्रांत के पांच आरोपियों को आईजी लखनऊ रेंज की टीम की पूछताछ के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया। आरोपियों ने दक्षिण भारत में एटीएम से ठगी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, दो हिडेन कैमरा समेत अन्य जालसाजी के उपकरण बरामद किए हैं। पांचों को पुलिस ने उस समय पकड़ा जब वह लखनऊ जा रहे थे।
4 सितंबर शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सदर कोतवाली के ललऊखेड़ा चौकी प्रभारी जितेंद्र यादव ने गदनखेड़ा चौराहा के पास एक काले रंग की कार समेत केरल प्रांत के पांच लोगों को पकड़ा था। जांच के दौरान कार से पुलिस ने दो स्कीमर लैपटाप, एटीएम कार्ड समेत अन्य उपकरण बरामद किए। पुलिस के अनुसार आरोपी एटीएम मशीन में स्कीमर लगाकर एटीएम कार्ड की क्लोनिंग कर रुपये निकालने का काम करते थे।
उन्होंने कहां-कहां घटनाओं को अंजाम दिया, यह पता लगाने के लिए एसपी, एएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। बाद में आईजी रेंज एसके भगत की क्राइम ब्रांच की टीम ने सदर कोतवाली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की। उन्होंने दक्षिण भारत में क्लोनिंग के जरिए रुपये निकालने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि वह लखनऊ में घटना को अंजाम देने जा रहे थे। लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार को पुलिस ने पांचों आरोपियों में केरल प्रांत के जिला कसारागोड के कनालाड गांव निवासी अब्दुज रहमान, यहीं के अब्दुल रैफद व मोसिन समेत मीपुगुडी थाना क्षेत्र के बिलिबाग आरडी नगर निवासी मो. बिलाल व पुडलू गांव निवासी मो. सोहेल पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि एटीएम से रुपये निकालने से पहले कार्ड लगाने वाले स्लॉट को हिलाकर देखें। यदि वह हिलता है तो अपने कार्ड को बिल्कुल न लगाए। स्लॉट के पास लगी लाइट जलती न दिखे तो हो सकता है वहां स्कीमर लगा हो। पासवर्ड डालते वक्त कीपैड को हाथों से जरूर ढक लें। ताकि जालसाजों द्वारा लगाया गया बटन के आकार का कैमरा पासवर्ड को रीड न कर सके।