उन्नाव। बीते शनिवार की रात बरेली के फरीदपुर में रामगंगा के अधूरे पुल से एक कार 22 फीट की ऊंचाई से गिर गई थी। रात के समय गूगल मैप के भरोसे चल रहे कार सवार तीन लोगों ने हादसे में जान गवां दी। उन्नाव जिले में भी कुछ मुख्य रास्ते ऐसे हैं जिन पर वर्षों से आवागमन बंद है, लेकिन गूगल मैप की नजर में यह दुरुस्त हैं। ऐसे में अगर वाहन सवार गूगल मैप के भरोसे सफर कर रहे हैं तो उन्हें न सिर्फ परेशान होना पड़ सकता है बल्कि आशंका है कि वह हादसे का शिकार भी हो जाएं। ऐसे में अनजान रास्ते पर रफ्तार भरने से पहले उसके बारे में जानकारी जरूर कर लें, गूगल मैप के भरोसे मत रहें।
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केस-एक
तीन साल पहले बहा संपर्क मार्ग, 23 दिन पहले हादसे में हुई थी चचेरे भाइयों की मौत, गूगल मैप में रास्ता दुरुस्त
बीघापुर। तहसील क्षेत्र को कानपुर के सिकठियापुर के सामने प्रयागराज हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग पर गढ़ेवा गांव के सामने गंगा नदी पर पुल बना है। इसका संपर्क मार्ग तीन साल पहले बाढ़ में बह गया था। तब से यह रास्ता बंद है। पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया है, लेकिन गूगल मैप में यह रास्ता खुला है। हाल यह है कि 23 दिन पहले छह नवंबर को कार से इसी रास्ते से कानपुर जा रहे नौबस्ता निवासी ब्रजेंद्र नंदन सिंह और उनके चचेरे भाई आशीष नंदन सिंह की मौत हो गई थी। एक अन्य चचेरे भाई रवि नंदन सिंह और ब्रजेंद्र नंदन सिंह का बेटा आशीष घायल हो गया था। कार सवार बीघापुर के टेढ़ा गांव निवासी बुआ कमला सिंह के अंतिम संस्कार के बाद घर लौट रहे थे। (संवाद)
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केस-दो
तीन महीने से बड़े वाहनों के लिए बंद रास्ता, गूगल मैप में दिख रहा रूट
लखनऊ-कानपुर के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण के कारण एक अक्तूबर 2023 से भारी वाहनों के हाईवे से सीधे लखनऊ जाने पर रोक है। लखनऊ जाने वाले भारी वाहनों को उन्नाव-पुरवा मार्ग से मौरावां होते हुए मोहनलालगंज के 63 किलोमीटर लंबे रास्ते से भेजा जा रहा था। इस मार्ग पर जबरेला गांव के सामने उन्नाव और लखनऊ की सीमा पर सई नदी का पुराना पुल ओवरलोड वाहनों का भार सह नहीं पाया और पिलर में दरारें आ गईं। इस कारण सितंबर महीने से इससे भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगा दी गई। लोकनिर्माण विभाग लखनऊ खंड-दो ने यहां पुल के दोनों तरफ लोहे के हाइट गार्ड लगाकर केवल चार पहिया और दो पहिया वाहनों को रास्ता दिया है। गूगल मैप की नजर में यह पुल सभी तरह के वाहनों के लिए खुला है। गूगल मैप के सहारे चलने वाले चालक भारी वाहन लेकर भी इसी रास्ते पर पहुंच जाते हैं और रास्ता बंद देख लौटते हैं। इससे अक्सर जाम भी लगता है।
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क्या कहते हैं जानकार
पुलिस विभाग के साइबर एक्सपर्ट तरुण कुमार ने बताया कि गूगल मैप सेटेलाइट के माध्यम से रास्तों की लोकेशन फीड करता है। अगर कहीं रास्ता या पुल बंद है या टूटा है तो संबंधित विभाग को गूगल को मेल करके सूचना देनी चाहिए। बताया कि पुलिस विभाग की साइबर सेल के माध्यम से गूगल के अधिकारियों को मेल कराई जा सकती है। गूगल रास्तों और उनकी लोकेशन को अपग्रेड न करने से भी इस तरह के हादसे होते हैं।