इस्लाम दिल जोड़ता है दिल तोड़ना नहीं। उन्होंने कहा कि आज लोग बिना दहेज
के विवाह नहीं करते जबकि वास्तव में विवाह में दहेज लेना ही नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले मुसलमान हिंदुओं की बुराई करते थे हमें भी लगता था कि
हिंदू अच्छे नहीं होत,े लेकिन जब हमने इसका अध्ययन किया तो यह पता चला कि
हिंदू कौम बहुत अच्छी है। कुछ लोग हैं जो हिंदू-मुस्लिम को लड़ाना चाहते
हैं।
मौलाना सादिक ने कहा कि हम सभी को महिलाओं की इज्जत करनी चाहिए।
जब हम महिलाओं की इज्जत करेंगे तभी हम आगे भी बढ़ेंगे। उनका कहना था कि
हमारा उद्देश्य लोगाें को जागरूक करना है। अमल करना उनका लोगों का काम है।
यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खां, लखनऊ शहर काजी अबू इरफान,
साध्वी दिव्या गिरी आदि ने भी लोगों को संबोधित किया।
यहां मौलाना कल्बे
सादिक ने मोहर्रम में ब्लड डोनेशन कैंप में अहम भूमिका निभाने पर जन एकता
मुहिम के अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस
दौरान महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे।