उन्नाव। नए साल का आगाज नई उम्मीदों के साथ होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों को भी नया साल का उपहार देने की तैयारी कर ली है।
175 टीचरों की पदोन्नति के बाद अब बड़ी संख्या में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती 31 जनवरी तक करने की तैयारी है। इससे सरकारी विद्यालयों में टीचरों की कमी की समस्या खत्म हो जाएगी। यही नहीं बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा भी नए सत्र से शुरू हो जाएगी।
जनपद के सभी 16 ब्लाकों में एक-एक माडल स्कूल घोषित किया जाएगा। सरकारी विद्यालयों के जर्जर व गंदे शौचालयों को भी शिक्षा विभाग नए सिरे से बनवाने जा रहा है। डीपीआरओ को लगभग 1100 शौचालयों की सूची भी उपलब्ध करा दी गई है। शिक्षक विद्यालय समय से पहुंचे इसके लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति भी नए सत्र से शुरू होगी।
प्रत्येक ब्लॉक में मॉडल स्कूल का होगा चयन
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जिले के सोलह विकासखंडों में बीईओ ने दो विद्यालयों को गोद ले रखा है। इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना है।
इतना ही नहीं इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अंग्रेजी व हिंदी दोनो प्रकार की भाषाओं की जानकारी होना अनिवार्य है। ताकि गोद लिए हुए एक विद्यालय को मॉडल विद्यालय घोषित किया जा सके। नए शिक्षा सत्र में ऐसे विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा और शैक्षिक सत्र 2015-16 में प्रत्येक ब्लॉक के एक विद्यालय को मॉडल स्कूल घोषित किया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से मिलेगी शिक्षा
शैक्षिक सत्र 2015-16 में कान्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर जिले के दो प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम बनाया जाएगा। इसके लिए उस विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाने वाले प्रधान टीचर व सहायक टीचर का चयन होगा।
शासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य के लिए नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक विद्यालय के ऐसे प्रधान टीचर व उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक टीचर जिन्होंने इंटरमीडिएट तक अंग्रेजी भाषा की शिक्षा प्राप्त की हो उन्हें शामिल किया जाएगा।
सहायक टीचर के लिए प्राथमिक विद्यालय के ऐसे सहायक टीचर का चयन होगा जिन्होंने इंटर तक अंग्रेजी भाषा ली हो। टीचरों के चयन के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन कर साक्षात्कार लिया जाएगा। उसके बाद ही टीचर रखे जाएंगे।
सरकारी विद्यालयों में बनेंगे ग्यारह सौ नए शौचालय
जिले में संचालित 2039 प्राथमिक व 803 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ग्यारह सौ ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जहां शौचालय टूटे हुए हैं। बीघापुर के कटरा दीवानखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में बने शौचालय की छत गिर जाने से छात्रा की मौत हो गई थी। जिसके बाद शौचालयों को लेकर शिक्षा विभाग गंभीर हुआ था।
नए शिक्षा सत्र में करीब 1100 सरकारी विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण कराने की तैयारी विभाग ने लगभग पूरी कर ली है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सूची बनाकर डीपीआरओ को भी सौंप दी है।
प्रधानाचार्यों की अटेंडेंस के बाद सफाई कर्मचारी को मिलेगा वेतन
नए सत्र में विद्यालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभी तक कई विद्यालयों में साफ-सफाई न होने से गंदगी के बीच ही बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ती है साथ ही एमडीएम भी बनता है।
ग्राम प्रधान व प्रधानाचार्य से जब इस संबंध में बात की जाती है तो वह यही कहकर टाल देता है कि सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा है। नए सत्र में इसमें सुधार किया जाएगा। विद्यालयों में तैनात सफाई कर्मचारी को तभी वेतन जारी होगा जब प्रधानाचार्य उसकी उपस्थिति बीईओ कार्यालय भेजेगा।
टीचरों की होगी बायो मैट्रिक अटेंडेंस
नए शैक्षिक सत्र में शासन परिषदीय विद्यालयों में कई नई योजनाओं का संचालन करने जा रहा है। इसमें परिषदीय विद्यालयों में टीचरों की बायो मैट्रिक अटेंडेंस जल्द शुरू की जाएगी।
इसको लेकर शासन की ओर से भी निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया के शुरू होने से टीचर विद्यालय आने-जाने में मनमानी नहीं कर सकेगा। अभी टीचर विद्यालय न जाने के बाद भी दूसरे दिन उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर देता है।
वर्जन
वर्ष 2015-16 में कई नए कामों व योजनाओं को शुरू करने की तैयारी है। आगे की कार्ययोजना में और क्या नया होना है? आगामी बैठक में तय होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों की भी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। जनवरी 2015 तक भर्ती करने के आदेश दिए गए हैं। - राजेश सिंह, प्रभारी बीएसए