विकास भवन सभागार में रविवार दोपहर करीब 12 बजे अध्यक्ष संगीता सेंगर की अध्यक्षता में जिला पंचायत विशेष बैठक शुरू हुई। बैठक में नवाबगंज तृतीय सीट से जिला पंचायत सदस्य ने क्षेत्र में भीषण जल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने उनके क्षेत्र में गोरिंदा ग्रामसभा में खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने की मांग रखी। सीडीओ संजीव सिंह ने एक्सईन नलकूप से जवाब मांगा। सीडीओ ने नलकूपों की जांच कराने के लिए एक्सईएन से नलकूपों की सूची देने को कहा। सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के एक जिला पंचायत सदस्य ने भी क्षेत्र में ध्वस्त पेयजल आपूर्ति की समस्या रखी। इसके अलावा कई अन्य सदस्यों ने क्षेत्र में चल रहे पानी के संकट से अध्यक्ष व अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत जिला पंचायत को तकरीबन 24 करोड़ 15 लाख रुपये की धनराशि मिलने वाली है। इसमें लगभग 15 करोड़ रुपये के कार्य होने हैं। पांच करोड़ से सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि रिबोर योग्य हैंडपंपों की रिबोरिंग कराने व तालाबों को भराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनसमस्याओं व शिकायतों का निस्तारण त्वरित गति से करें। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अशोक कुमार यादव ने बताया कि नए कामों के लिये सदस्यों के प्रस्ताव आ गए हैं। कहा कि जिन सदस्यों के प्रस्ताव अवशेष रह गए हो तो उपलब्ध करा दें। अध्यक्ष संगीता सेंगर ने कहा कि सभी सदस्यो के सहयोग व सामंजस्य से विकास कार्यो को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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अधिकारियों की कार्यशैली पर एमएलसी ने उठाए सवाल
एमएलसी सुनील सिंह साजन ने बैठक में विभागों के कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि सरकार व्यवस्था दे रही है लेकिन विभागों में ईमानदारी से काम नहीं हो रहा है। कहा कि अधिकारी जिनको कागजों पर सही बताते हैं वह भी असल में खराब ही रहते हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद सीएमओ से कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। लेकिन चिकित्सकों व कर्मचारियों की कार्यशैली से इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि वह आम लोगों से ठीक ढंग से व्यवहार करें। काम में पारदर्शिता लाएं। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने सीडीओ से कहा कि वह पेंशन के लिए विकासखंडों में कैंप लगवाएं। जिससे आम लोगों को पेंशन का लाभ मिल सके। कैंप की जानकारी जिला पंचायत सदस्यों को भी दी जाए।