नगर के मोहल्ला न्यू कटरा स्थित मां दुर्गा मंदिर प्रांगण से प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भारी भीड़ रही। शोभा यात्रा हरदोई मार्ग होते हुए सरांय टेढ़ी बाजार, खत्रियाना, मेमारन टोला व मुन्नू मियां तलैया होते हुए कल्याणी नदी पुल पर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के उद्घोष के साथ ही दुर्गा प्रतिमा को कल्याणी नदी में विसर्जित किया।
शोभा यात्रा में विमलचंद्र शुक्ल, विनोद दीक्षित, रामनरेश सिंह, रविमोहन पाण्डेय, कृष्ण शंकर शुक्ल, अनंत कुमार, ज्ञानेश द्विवेदी, शिवदत्त यादव, प्रमोद सैनी, भइयालाल, राममोहन सिंह, सचिन कुमार, गीता सिंह, आशादेवी, सुशीला, कांती देवी, विनोदनी, अर्चना, सरिता देवी आदि शामिल रहे। कोतवाली पुलिस का नेतृत्व कोतवाल सतीश कुमार गौतम ने किया।
नगर पंचायत फतेहपुर चौरासी स्थित मां शीतला देवी का मंदिर आस्था का केंद्र है। यहां दूर-दूर से आकर भक्त मां के दर्शन कर मन वांछित फल पाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर हजारों साल पुराना है। नगर पंचायत फतेहपुर चौरासी के पश्चिम में स्थित मां शीतला देवी मंदिर आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
मां शीतला देवी की महिमा की अनेक गाथाएं हैं। वैसे तो इस मंदिर की स्थापना के विषय में प्रमाणिक जानकारी नहीं है लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर की स्थापना करीब एक हजार साल पूर्व हुई थी। पुरातत्वविद डा. करुणा शंकर शुक्ल ने बताया कि आइने अकबरी में इस मंदिर के विषय में जानकारी मिलती है।
जानकारी के अनुसार इस मंदिर की स्थापना सोहलवीं शताब्दी में हुई। बांगरमऊ, फतेहपुर चौरासी, नेवल आदि जो आज कल्याणी नदी के तट पर हैं, उस समय यहां कल्याणी नदी के स्थान पर गंगा नदी बहती थी। धीरे-धीरे नदी की धारा परिवर्तित होते हुए नानामऊ दबौली की ओर बहने लगी। कल्याणी नदी भी गंगा की उपधारा है।
मां शीतला देवी का मंदिर इसके पूर्व में स्थित है। समय-समय पर भक्तों ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया। मान्यताओं के अनुसार यहां दर्शन करने वालों की हर मनोकामना पूरी होती है। इन्हीं मान्यताओं के कारण मां शीतला देवी मंदिर सिद्धपीठ श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बना हुआ है और यहां पर नवरात्र के समय भक्तों की भारी भीड़ रहती है।