जिले की ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त नोटबंदी के 56वें दिन भी करेंसी की किल्लत से जूझी रही हैं। परियर शाखा में करेंसी की कमी पर खाताधारकों ने मैनेजर को परिसर के बाहर ही रोक लिया और कैश दिलाने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। इससे अफरातफरी का माहौल बन गया। भीड़ का गुस्सा देख मैनेजर ने तत्काल उच्च अधिकारियों से फोन पर बात कर दो दिन में पर्याप्त कैश होने पर 24 हजार तक के भुगतान का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए और वापस अपने घर गए।
ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त परियर में नोटबंदी के बाद से लगातार करेंसी को लेकर हाहाकार मचा है। इस शाखा में अभी तक गिनेचुने खाताधारकों को ही 24 हजार रुपये का भुगतान किया जा सका है। करेंसी की किल्लत ऐसी बनी हुई है कि पांच हजार के भुगतान के लिए भी लोगों को चार से पांच दिन घंटों कतारों में जूझने के बाद भी भुगतान नसीब नहीं हो रहा है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे सैदापुर गांव निवासी 70 वर्षीय चिरंजीव के अलावा रामचंद्र, मंजू देवी, रामधार निषाद, बब्लू कश्यप, बेचे लाल समेत दो दर्जन से अधिक लोग दो से पांच हजार का भुगतान लेने बैंक पहुंचे थे। भुगतान तो दूर की बात बैंक कर्मियों ने कैश की कमी बता विड्राल तक नहीं दिया।
इसी बीच बैंक पहुंचे शाखा प्रबंधक अशोक बाजपेई को गुस्साए खाताधारकों ने बाहर ही रोक लिया और कैश की मांग करते हुए शोर-शराबा करने लगे। खाताधारकों के गुस्से को देखते हुए शाखा प्रबंधक ने मोबाइल का स्पीकर खोलकर क्षेत्रीय प्रबंधक से बात की और स्थिति के बारे में बताया। अधिकारी ने दो दिन में पर्याप्त कैश उपलब्ध होने का आश्वासन दिया। तब जाकर भीड़ का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद मैनेजर ने खाताधारकों को एक हजार से दो हजार रुपये का पेमेंट कर सहूलियत दी। जिसके बाद बैंक में सुचारु तरीके से काम शुरू हो सका।