बीघापुर तहसील क्षेत्र के बारासगवर क्षेत्र के किसान नहर में पानी न आने से परेशान हैं। सूखे की मार से किसान अभी उबरा भी नहीं पाया कि इस बार नहर के धोखा देने से गेहूं की फसल चौपट होने की कगार पर है। जनप्रतिनिधि व अधिकारी किसानों की समस्याओं से मुंह मोड़े है।
सूखे की मार झेल रहे किसानों ने किसी तरह पलेवा कर गेहूं की बुवाई शुरू की, लेकिन सूखी व गंदगी से पटी नहरें किसानों के लिए अभिशाप बनी हुई हैं। तहसील क्षेत्र की शारदा नहर व डलमऊ बीपंप नहर गंदगी और जलकुंभी से पट चुकी है। इससे दर्र्जनों गांवों की माइनरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। धानीखेड़ा बाजार स्थित नहर से सगवर भरतीपुर माइनरों में वर्षों से पानी नहीं पहुंचा। धानीखेड़ा के पास माइनर का मुख्यद्वार कूड़े कचरे से पूरी तरह बंद हो चुका है। मुख्य नहर की सफाई न होने के कारण यही हाल बैयगुलालखेड़ा नहर कोठी के पास से गनेशीखेड़ा, माधवपुर, निहालीखेड़ा आदि दर्जनों गांवों की माइनरों का है जिससे पानी गांव तक नहीं पहुंच रहा है। क्षेत्रीय किसान लाला महराज, मुन्ना सिंह, दामोदर, पंकज सिंह, अजीत प्रताप, अमित पांडेय, संतोष बघेल, सुशील कुशवाहा और सुर्जन सिंह ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से नहर विभाग के अधिकारियों से अविलंब नहर में पानी छोड़ने को निर्देशित करने की मांग की है। एक्सईएन सिंचाई विभाग बृजेश पोरवाल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। इसका पता लगा कर सफाई कराई जाएगी और किसानों को पानी की व्यवस्था की जाएगी।