उन्नाव। कचहरी क्रासिंग पर निर्माणाधीन आरओबी की सर्विस लेन की जद में आने वाले मकानों और दुकानों को रविवार को जिला प्रशासन ने ढहा दिया। इस दौरान दो पूर्व मंत्रियों व एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के भवन के हिस्से को भी गिरा दिया गया।
अफसरों ने अभियान की शुरुआत सरकारी भवनों से की। पहले तो व्यापारियों ने इसका विरोध किया लेकिन अधिकारियों के सख्त रुख को देख गुहार लगानी शुरू कर दी। फिर भवन स्वामियों ने स्वयं ही अपने निर्माणों को गिराना शुरू कर दिया। जीआईसी, जिला पुस्तकालय व टेलीफोन भवन के निर्माणों पर भी प्रशासन की जेसीबी चलीं। सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम व सीओ सिटी की अगुवाई में भारी फोर्स देख किसी की विरोध करने की हिम्मत नहीं हुई।
रविवार सुबह करीब आठ बजे कचहरी रोड पर प्रशासनिक अमला पहुंचा। अभियान का विरोध करने के लिए व्यापारियों ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन उनकी सारी तैयारियां धरी रह गईं। सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी, सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी, एसडीएम सदर जसजीत कौर व तहसीलदार सदर एसके राय की अगुवाई में मौजूद पुलिस बल ने सभी व्यापारियों/भवन स्वामियों को चेतावनी भरे लहजे में एक घंटे का समय दिया और सबसे पहले सर्विस लेन की जद में आ रही जीआईसी की बाउंड्री वाल को गिराना शुरू कर दिया।
इसके बाद बगल में बने जिला पुस्तकालय के गेट व बाउंड्री वाल को भी ध्वस्त कर दिया गया। अफसरों के पास पहुंचे कुछ व्यापारियों ने कार्रवाई को गलत बताते हुए इसका विरोध शुरू किया, लेकिन अफसरों के न मानने पर सभी ने कुछ और समय देने की मांग की। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पहले से ही समय दिए जाने की बात कहते हुए इस मांग को नजरअंदाज कर दिया।
उन्होंने कहा कि यदि व्यापारी अपने निर्माण स्वयं ही गिरवा दें तो उन्हें जेसीबी से तोड़ा नहीं जाएगा नहीं तो वह सभी निर्माणों को गिरवा देंगी। अफसरों के सख्त रुख को देखते हुए अधिकतर व्यापारियों ने स्वयं ही अपने निर्माणों को गिराना शुरू कर दिया। जिन व्यापारियों ने अपने निर्माणों को तोड़ना शुरू नहीं किया उन्हें प्रशासन की जेसीबी ने गिरा दिया।
हटेगा जद में आने वाला मंदिर
उन्नाव। सर्विस लेन की जद में रोड किनारे बना मंदिर भी आ रहा है। इसकी जानकारी जब कर्मचारियों ने सीओ सिटी गोपीनाथ सोनी को दी। तो उन्होंने कहा कि मंदिर को हटाना तो पड़ेगा लेकिन उसपर जेसीबी नहीं चलेगी। मंदिर को हाथ से तोड़कर सहूलियत से हटा दिया जाएगा।