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आशियाना ढहने के सदमे में महिला की मौत

Tue, 31 May 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुबह हार्टअटैक पड़ा तो परिजन जिला अस्पताल लेकर भागे। डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उसे कानपुर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर ही रहे थे तभी वृद्धा ने दम तोड़ दिया।
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मोहल्ला जवाहर नगर (छोटा चौराहा) निवासी रामपती गुप्ता (75) करीब सौ साल पुराने अपने पैतृक मकान में अपने तीन पुत्र अनिल गुप्ता, प्रमोद गुप्ता व राजू व पुत्र वधुओं के साथ रह रही थीं। छोटा चौराहा से गंदा नाला तक सड़क चौड़ीकरण में 26 मई को मकानों पर बुलडोजर चला तो परिवार के लोग सिसक उठे। आशियान उजड़ते देख वृद्धा को गहरा सदमा लगा। उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया। सोमवार सुबह अचानक सीने में तेज दर्द हुआ हालत बिगड़ती देख बेटे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने एक ईसीजी टेस्ट कराया और उन्हें ऑक्सीजन लगाई। कुछ देर बाद उन्हें दूसरा अटैक पड़ा। डॉक्टरों ने कार्डियोलाजी कानपुर ले जाने की बात कही। परिजन एंबुलेंस की व्यवस्था कर ही रहे थे कि वृद्धा को फिर से सीने में तेज दर्द उठा और उसकी सांसें टूट गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया तो परिवार सिसक उठा। मृतका की बहू और बेटों ने उसकी मौत का जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया। देर शाम तक किसी प्रशासनिक अधिकारी ने वृद्धा की मौत की जानकारी लेने घर नहीं पहुंचे। जिससे परिजनों में आक्रोश फैला रहा।

फोटो संख्या: 30 यूएनओपी 04 व 05
परिचय- छोटा चौराहा पर मलबा उठान के बाद खुला रास्ता व निकलते पैदल राहगीर।

छोटा चौराहा चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। चार दिन पहले छोटे चौराहे पर शुरू हुए बिल्डिंगों के ध्वस्तीकरण के बाद अब मलबा उठान का काम लगभग समाप्ति पर है। सोमवार को पैदल चलने वालों के लिए रास्ता खोल दिया गया। जबकि चार व दो पहिया वाहनों के आवगमन के लिए अभी एक-दो दिन का समय लग सकता है। अताउल्ला नाले से छोटे चौराहे तक बनी अवैध बिल्डिंगों को गिराने काम 26 मई से शुरू किया गया था। शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा होने के कारण प्रशासन ने तेजी दिखाई और दो दिन में इमारतों का ध्वस्तीकरण कराने के बाद तीसरे दिन से मलबा उठाने का काम शुरू कर दिया गया। सोमवार को मलबा उठाने का काम भी तेजी से चला इसका असर यह रहा कि दोपहर बाद पैदल राहगीरों के रास्ता खोल दिया गया। मलबा उठान के लिए तीन जेसीबी के अलावा डंफर व नगर पालिका के ट्रैक्टर लगाए गए हैं। पैदल राहगीरों को चलता देख मलबा उठान के दौरान कोई चौपहिया व दो पहिया वाहन अंदर न आ सके इसके लिए चौराहे के दोनो ओर ट्रैफिक पुलिस ने बैरीकेटिंग लगा रखी थी। उसमें केवल पैदल निकलने वालों तक के लिए रास्ता छोड़ा गया है। उधर मलबा हटने के बाद मकान मालिकों ने दरवाजे के बाहर पड़े ईंटों को हटवाने का काम किया। ताकि घर से बाहर निकलने के लिए आने-जाने का रास्ता बन सके। घटना को देखते हुए सुबह से शाम तक पुलिस बल के साथ नगर पालिका ईओ व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे।
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