उन्नाव। होमगार्ड के जवानों को ठंड से बचाने के लिए वर्ष 2013 में लखनऊ मुख्यालय से मिले 362 स्वेटर स्टोर में रखे-रखे सड़ गए। जिम्मेदारों ने होमगार्ड को स्वेटर नहीं दिए और रखरखाव के अभाव में सभी पैकिंग खुलने से पहले ही बेकार हो गए। दुर्गंध आई तो स्वेटरों को स्टोर से निकाल कर धूप में सुखाया गया। जिला कमांडेंट के अनुसार, कार्यालय व स्टोर जर्जर होने से बारिश के पानी से भीग गए।
शहर के शाहगंज स्थित पुराना अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग में लगभग 20 वर्ष से होमगार्ड कमांडेंट का कार्यालय संचालित है। पुलिस की तरह होमगार्डों को भी जूता, मोजा, वर्दी का कपड़ा, स्वेटर, जैकेट, टार्च, बेल्ट, कैप, सीटी डोरी समेत जरूरत की कई चीजें लखनऊ मुख्यालय से भेजी जाती हैं। होमगार्ड जवानों को ठंड के मौसम में ड्यूट के दौरान सर्दी से बचाने के लिए वर्ष 2013 में लखनऊ मुख्यालय से 362 स्वेटर, 317 जैकेट के अलावा 1200 टार्च व सेल भेजे गए थे। इन्हें कार्यालय के पास स्थित स्टोर में रखवा दिया गया था। लेकिन रखरखाव के दौरान छत टपकने से स्वेटर के बंडल भीगकर सड़ गए। दुर्गंध आने पर बुधवार को कर्मचारियों ने स्टोर का खोलकर सभी बंडलों को बाहर निकाला और सुखाने के लिए धूप में फैलाया गया।
इन स्वेटरों की पैकिंग तक नहीं खुली थी। हालांकि अब इनमें से एक भी स्वेटर ऐसा नहीं बचा जो पहने के लायक हो। नाम न छापने की शर्त पर होमगार्डों ने बताया कि पिछले छह साल से ठंड में उन्हें स्वेटर व जैकेट नहीं दिए गए। वहीं, स्टोर इंचार्ज वीर सिंह ने बताया कि कार्यालय की बिल्डिंग बेहद जर्जर है। छत टपकने से पानी स्टोर तक पहुंच गया, जिससे स्वेटर भीग गए। स्वेटर समेत अन्य स्टोर में रखी वस्तुओं के रखरखाव में लापरवाही के सवाल पर वह उत्तर नहीं दे सके।
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होमगार्डों को सर्दियों में दिए गए थे स्वेटर: कमांडेंट
होमगार्ड कमांडेंट मनोज कुमार शुक्ल ने बताया कि सर्दियों में होमगार्ड जवानों को स्वेटर व जैकेट न दिए जाने का आरोप गलत है। ठंड में ड्यूटी करने वाले सभी जवानों को दिए गए थे। स्टोर में रखे स्वेटर भीगे कैसे, इस पर स्टोर इंचार्ज से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। उन्होंने माना कि यह बड़ी लापरवाही है। जो लोग भी जिम्मेदार होंगे कार्रवाई की जाएगा।
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