उन्नाव। रंगदारी मांगने के मामले में जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर अंशू गुप्ता की ओर से दाखिल जमानत अर्जी को सीजेएम ने खारिज कर दिया। पुलिस ने अंशू पर दर्ज 21 मुकदमों का ब्यौरा न्यायालय में पेश किया था। वहीं, धमकी देने के मुकदमे में पूर्व में स्वीकृत हुई जमानत में 20-20 हजार की दो जमानतें दाखिल करने पर न्यायालय ने रिहाई का आदेश जिला कारागार भेजा। हालांकि दूसरे मुकदमों में जमानत न होने से वह अभी जेल में ही रहेगा।
कानपुर धनकुट्टी निवासी गोपी किशन गुप्ता ने 28 अप्रैल 2025 को हिस्ट्रीशीटर अपराधी अंशू गुप्ता समेत तीन लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट गंगाघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी बीच तीन मई को अंशू ने मारपीट व धमकी देने के 2023 में दर्ज हुए मुकदमे में न्यायालय में समर्पण कर जेल चला गया था। तीन मई को दर्ज हुए रंगदारी मांगने के मुकदमे में अंशू के वकील ने पिछले दिनों जमानत अर्जी दी थी। शुक्रवार को सीजेएम भाव्या तिवारी ने सुनवाई की। इस दौरान पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए अंशू पर दर्ज 21 मुकदमों की क्रिमिनल हिस्ट्री न्यायालय के समक्ष रखी। प्रकरण सुनने के बाद सीजेएम ने अंशू की जमानत अर्जी खारिज कर दी। वहीं, 2023 में इंद्रानगर निवासी मनू अवस्थी की ओर से दर्ज मुकदमे में न्यायालय ने अंशू की जमानत अर्जी को स्वीकृत कर दिया था।
साथी को नहीं मिली अंतरिम जमानत
पुलिस ने रंगदारी मांगने, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में अंशू गुप्ता के तीन सहयोगियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें नामजद देवेंद्र अवस्थी ने अधिवक्ता के माध्यम से जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में अंतरिम जमानत अर्जी दी थी। न्यायाधीश ने सुनवाई अर्जी को खारिज कर दिया है।