फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टोल प्लाजा: नवाबगंज कस्बेवासियों को राहत, आशाखेड़ा पर आफत

विज्ञापन
नवाबगंज टोल प्लाजा। - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
नवाबगंज(उन्नाव)। राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण द्वारा टोलटैक्स वसूली में कंपनी क्षेत्रीय लोगों के साथ भेदभाव बरत रही है। एक तरफ टोल कंपनी नवाबगंज कस्बे के लोगों को आवागमन के लिए फ्री पास दे रही है। वहीं दूसरी तरफ इतनी ही दूरी पर बसे आशाखेड़ा के ग्रामीणों को टोल देना पड़ रहा है। दोनों ही क्षेत्र टोल टैक्स बैरियर से करीब 3 किमी की दूरी पर स्थित हैं और नियमानुसार 5 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले गांव या कस्बे के लोगों को टोल से फ्री आवागमन की सुविधा देने का प्रावधान है। उनके वाहन रजिस्ट्रेशन पेपर पर लिखे पता के आधार पर यह पास दिया जाता है। वहीं टोल बैरियर से 20 किमी के दायरे में आने वाले वाहनों के लिए मासिक पास गिया जाता है। इस लोकल मासिक पास के लिए 265 रुपये देने होते हैं। इस दायरे में आने वाले लोगों ने टोल मैनेजर से इस सुविधा का लाभ दिए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

एनएचएआई के कॉरीडोर मैनेजर गुंजन कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई के नियमों के अनुसार टोल बैरियर से 20 किमी दायरे में रहने वाले लोगों को उनके वाहन की आरसी के पते के आधार पर सस्ते टैक्स वाला लोकल पास दिया जाता है।
गांव के ही देशराज यादव बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर कई बार टोल मैनेजर से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हाइवे के दो अलग-अलग गंतव्यों की दूरी बराबर होने पर उनके गांव के लोगों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। अगर जल्द ही कोई निर्णय न लिया गया तो सभी ग्रामवासी टोलप्लाजा का घेराव कर सकते हैं।
विज्ञापन

गांव के ही सचिन श्रीवास्तव कहते हैं कि नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए। जबसे फ ास्टैग की सुविधा लागू की गई है तब से टोल और भी दर्द दे रहा है। छोटे बड़े कामों के लिए गाड़ी लेकर नवाबगंज टोल प्लाजा क्रास करना बहुत महंगा पड़ रहा है। एक साइड से पर्ची काटने वाले नियम से दोगुना लोड पड़ रहा है।
गांव को आशीष का कहना है कि वह पेशे से व्यापारी है। अक्सर काम के सिलसिले से उनका उन्नाव-कानपुर आना जाना रहता है। आशीष ने 24 घंटे के एक बार में सिंगल यात्रा के नाम की पर्ची काटने के नियम को गलत बताया है। कहा कि ऐसे में कार सवारों को दोगुना नुकसान उठाना पड़ता है। जैसे नवाबंगज के लोगों को फ्री पास का लाभ मिलता है वैसे ही उ उनके गांव के लोगों को भी इसका लाभ दिया जाना चाहिए।
आशाखेड़ा गांव निवासी बीडीसी अंशू अवस्थी ने बताया कि नवाबगंज और आशाखेड़ा गांव की दूरी टोल प्लाजा से लगभग बराबर है। फि र भी टोल से नवाबगंज के लोगों को फ्री पास उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि उतनी ही दूरी के गांव आशाखेड़ा को इससे वंचित रखा गया है। जो गलत बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें