संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए एनएचएआई की ओर से जारी बजट में प्रति किलोमीटर एक करोड़ रुपये खर्च आ रहा है।
निर्माण एजेंसी की सुस्ती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बनाने का काम एक साल में आधा ही हो सका है। डिवाइडर ग्रिल, संकेतक का काम भी अधूरा है। कोहरा में सफर और मुश्किल होगा। जिम्मेदार दो महीने का समय और लगने की बात कह रहे हैं।
2022 से खस्ताहाल 92 किलोमीटर (कानपुर सीमा के जाजमऊ और लखनऊ सीमा तक) लंबे हाईवे के नवीनीकरण के लिए एनएचएआई ने अप्रैल 2024 में एक निर्माण एजेंसी को नवीनीकरण और पांच साल तक रखरखाव की शर्त सहित 92 करोड़ रुपये का ठेका दिया था।
एजेंसी ने अक्तूबर-2024 को सड़क नवीनीकरण (ओवर-ले) का काम शुरू किया। अभी तक लखनऊ से कानपुर की लेन पर लखनऊ की ओर से 60 किलोमीटर में दोनों परत (ओवर-ले) का काम हो पाया है, जबकि कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर दूसरी परत बिछाने का काम अभी नहीं हो पाया है।
इससे हाईवे पर यातायात की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है और रोज कहीं न कहीं जाम लगता है। लोग खासे परेशान होते हैं।