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घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन, खतरे में हिफाजत

Wed, 13 Feb 2019 12:42 AM IST
संतोष भदौरिया अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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हिरन नगर नई बस्ती के घरों के ऊपर से निकली है हाईटेंशन लाइन। - फोटो : अमर उजाला
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शहर के कई मोहल्लों में रहने वाले सैकड़ों लोग अपने ही घर की छत पर नहीं जा पा रहे हैं। मकानों के ऊपर से निकली हाईटेंशन विद्युत लाइनें इसकी मुख्य वजह है। बच्चों को छतों पर जाने से रोकने के लिए लोगों ने सीढ़ियां ही बंद कर दी हैं।
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शहर के मोहल्ला सुभाष नगर, हिरन नगर नई बस्ती, कासिम नगर, इब्राहिमाबाद के करीब पांच सैकड़ा मकानों में रहने वाले लोग दिन रात दहशत के साए में जी रहे हैं। इन मकानों के ऊपर से निकली 33 केवी और 11 हजार वोल्ट की हाइटेंशन विद्युत लाइन स्पार्किंग और तेज हवा चलने पर झूलने लगती है। विद्युत लाइनों के नीचे बने मकानों में रहने वाले लोगों का दिन का चैन और रातों की नींद हराम है। समस्या से जूझ रहे आदित्य व सुमित कुमार ने बताया कि इन विद्युत लाइनों में तेज स्पार्किंग जैसी आवाज होती है। तेज हवा चलने पर तार हिलने से तारों के टूटकर गिरने की आशंका बनी रहती है। हिरन नगर के श्रीदेई, अमीषा, अंकुर, महेश, सुंदरलाल ने बताया कि करंट लगने के डर से वह अपने घरों की छतों पर नहीं जाते। बच्चों को छतों पर जाने से रोकने के लिए लोगों ने सीढ़ियों को ही बंद कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि विद्युत विभाग इन लाइनों को आबादी से हटा कर बाहर करेगा।


औरास प्रतिनिधि के अनुसार, नगर पंचायत के पशु चिकित्सा परिसर में दो विद्युत पोलों पर रखे ट्रांसफ ार्मर से जाने वाली 11 हजार की विद्युत लाइन सरकारी इमारतों की छतों को छू रही है। अस्पताल के मेन गेट में प्रवेश करते ही सिर को स्पर्श करने वाली लाइन लोगों को किसी भी समय अपने चपेट में ले सकती है। डॉक्टर हो या किसान, सभी अपनी जान जोखिम में डाल कर अस्पताल परिसर में जाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल की पीछे बने रामचंद्र के मकान की छत पर विद्युत लाइन रखी है। जिससे पूरा परिवार सहमा रहता है। एसडीओ हसनगंज निखिल श्रीवास्तव ने कहा कि यह जेई का काम है। उन्हीं को बताइए। वह ठीक कराएंगे।
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भूमि विक्रेताओं के झांसे में आकर खरीद ली जमीन
शहरी लोगों की मानें तो जब यहां जमीन खरीदी थी तो भूमि विक्रेताओं नें इन विद्युत लाइनों के हटने की बात कही थी। बाद में जब इन्हें हटाने की बात कही तो बताया गया कि यह विद्युत लाइनें हटाई ही नहीं जा सकतीं हैं। वहीं हैरानी की बात यह है कि विद्युत लाइनों के ठीक नीचे की इन जमीनों पर यूडीए ने भवन बनाने की स्वीकृति कैसे दे दी। विद्युत लाइनों के नीचे बने भवनों में रहने वाले लोगों के मुताबिक, उन्होंने भवन का नक्शा पास कराने के लिए आवेदन किया तो किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई गई। एक्सईएन आरके कृष्णानी ने बताया कि अभी तक उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। अब मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
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