-नियम के विपरीत एजेंडा जारी करके छह दिन में बुलाई बैठक
-नियमानुसार एजेंडा जारी होने के 15 दिन बाद ही बुलाई जा सकती है बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
औरास। बिसवल गांव की राशन की दुकान के चयन का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इससे कोटे के चयन पर रोक लग गई है।औरास विकासखंड के बिसवल कोटेदार गंगाराम मौर्य की बीमारी से मौत होने के बाद करीब डेढ़ वर्ष पहले कार्डधारकों को लहरु कोटे से संबद्ध कर दिया गया था।
29 अगस्त को कोटे के चयन के लिए गांव के पंचायत भवन में एडीओ पंचायत व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक बुलाई गई, लेकिन चयन संबंधी पूर्ण जानकारी न होने पर स्थगित कर दी गई। इसके बाद पांच सितंबर को दुबारा बैठक बुलाई गई। उस दिन ग्राम प्रधान कन्हैयालाल के अस्पताल में भर्ती होने के कारण कोटे का चयन नहीं हो सका।
इसके बाद अधिकारियों ने 16 सितंबर को एजेंंडा जारी कर 22 सितंबर को बैठक लगा दी। जिसमें उत्तर प्रदेश पंचायतराज नियमावली का पालन नहीं किया। नियमानुसार एजेंडा जारी होने के 15 दिन के बाद ही बैठक बुलाई जा सकती है। जिस पर बिसवल के मजरा डल्लूखेड़ा निवासी रामधीरज ने नियम विरुद्ध बैठक बुलाने का आधार बनाकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर कर दी।
उधर गलती का अहसास होने पर एडीओ पंचायत ने धारा 32 का पालन न होने की बात कहकर नोटिस जारी की। साथ ही बैठक स्थगित कर पंचायत भवन पर नोटिस चस्पा करा दी। उधर हाईकोर्ट ने डीएम व एसडीएम को नोटिस जारी कर कोटे की चयन प्रक्रिया रोकने के निर्देश दिए। एडीओ पंचायत सुशील पांडेय ने बताया कि हाईकोर्ट का जैसा निर्देश मिलेगा वैसी प्रकिया अपनाई जाएगी।