विभिन्न मांगो को लेकर सांकेतिक हड़ताल कर रहे लैब टेक्निशियन व फार्मस्सिटों के मंगलवार को अनिश्चत कालीन हड़ताल शुरू कर दी। स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राज्यपाल की ओर से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को हड़ताल से अलग रखने के निर्देश के बाद बुधवार दोपहर बाद चिकित्सा सेवा पटरी पर लौटी।
मालूम हो कि लैब टेक्निशियन ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर दो सितंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। मंगलवार को लैबटेक्नीशियन के साथ ही फार्मास्सिटों ने भी काम नहीं किया। राज्यपाल ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को हड़ताल को अवैधानिक करार दिए जाने से बुधवार दोपहर से सभी स्वास्थ्य कर्मी काम पर लौट आए। यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दोपहर बारह बजे तक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान मरीज आते रहे। लेकिन उनकी जांच न होने के साथ ही दवा भी नहीं दी गई। बाद में प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश के बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। सघ के मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व की प्रमुख सचिव से वार्ता हुई है। उन्होंने कुछ मांगों को माना है। इसके बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। राजकीय आप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. ज्ञान प्रकाश ओझा ने बताया कि मांगों को मान लेने के बाद धरने का समापन कर दिया गया।
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लेखपाल भी काम पर लौटे
उन्नाव। विभिन्न मांगों को लेकर 23 अगस्त से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल कर रहे लेखपाल बुधवार को शाम को काम पर लौट आए। मालूम हो कि लेखपाल तीस दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे थे। बुधवार को कलेक्ट्रेट के निकट धरने पर बैठे लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने बताया कि लेखपाल अपनी मांगों को लेकर एक माह से विरोध कर रहे थे। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर बुधवार को धरना समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव से प्रांतीय पदाधिकारियों की वार्ता के दौरान उन्होंने मांगे भी मान ली हैं।
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आज पद यात्रा करेंगी आंगनबाड़ी कार्यकत्री
मांगों को लेकर झाड़ी शाह बाबा मजार के निकट धरना दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां 22 सितंबर को शहर में पदयात्रा कर विरोध जताएंगी। संघ के अध्यक्ष गिरीश कुमार पांडेय ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लगातार प्रदर्शन कर विरोध जता रही हैं लेकिन मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब तक मांगों पर सुनवाई नहीं होती धरना चलता रहेगा।