उन्नाव। जिले में आसीवन थानाध्यक्ष, दो सिपाही, आरपीएफ जवान, उनकी पत्नी सहित 59 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में कोविड एल-वन अस्पताल के आठ स्वास्थ्य कर्मी और आठ बंदी भी शामिल हैं। जिले में सक्रिय केसों की संख्या 165 हो गई है।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में 11, शुक्लागंज में 12, मियागंज में एक, नवाबगंज में तीन, पुरवा में एक, सफीपुर में पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सिकंदरपुर कर्ण में एक, बांगरमऊ में एक व नवाबगंज सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल के आठ स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित हैं। लखनऊ, सुल्तानपुर व झांसी के तीन युवक भी जांच में संक्रमित पाए गए हैं। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। कुछ को होम आइसोलेट किया जाएगा।
जिले में चार जनवरी को कोरोना के चार मरीज मिले थे। उसके बाद पांच जनवरी को दो, छह जनवरी को फिर चार मिले। सात जनवरी को कोरोना मरीजों की संख्या 23 पहुंच गई। 8 जनवरी को 26 मरीज मिले। 9 जनवरी को 23 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। 10 जनवरी को कोविड पॉजिटिव 25 मिले और 11 जनवरी को संख्या 59 पहुंच गई है।
जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई गर्भवती को बिना कोरोना जांच के ही भर्ती कर लिया। बाद में हुई एंटीजन जांच में वह पॉजिटिव मिली। रिपोर्ट की जानकारी पर वह बेड से उठकर चली गई। इससे हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पति से संपर्क कर उसे कानपुर के अपर इंडिया अस्पताल में भर्ती कराया है।
तालिब सराय निवासी (32) वर्षीय गर्भवती के प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे सोमवार देर रात जिला महिला अस्पताल लेकर गए। वहां उसे बिना कोरोना जांच के ही भर्ती कर लिया गया। मंगलवार सुबह एंटीजन किट से उसकी कोरोना जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव आई। गर्भवती को इसकी जानकारी मिलने पर वह बेड से उठकर भाग गई। भर्ती रजिस्टर में मोबाइल नंबर लिखा होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने परिजनों से संपर्क कर उसे कानपुर के अपर इंडिया अस्पताल में भर्ती कराया है। गर्भवती के संक्रमित मिलने के बाद डॉक्टर सहित चार लोगों की एंटीजन जांच हुई। वार्ड को भी सैनिटाइज कराया गया।