सोनिक। मकर संक्रांति पर्व पर 14 जनवरी को गंगा को शुद्ध रखने के लिए 9 जनवरी की रात 12 बजे से उत्प्रवाह (पानी बहाने वाले) सभी उद्योगों के जल निकासी के रास्ते बंद करा दिए। सीईटीपी (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) के जल निकासी के रास्ते भी सील कर दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि फैक्टरी बंद करें, उत्पादन आधा करें, पानी का भंडारण करें, दूषित पानी को साफ कर दोबारा प्रयोग करें या कोई अन्य उपाय करें, लेकिन माघ मेला के प्रत्येक स्नान पर्व पर चार दिन पानी की एक बूंद फैक्टरी से बाहर न आए।
प्रयागराज में 14 जनवरी से 1 मार्च तक कुल 49 दिनों तक चलने वाले माघ मेला के दौरान गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए 6 पर्व स्नानों के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नालों और ड्रेनों में औद्योगिक इकाइयों का पानी बहाए जाने पर रोक लगाई है। शासनादेश के अनुसार प्रत्येक स्नान पर्व पर चार दिनों तक उत्प्रवाह वाले उद्योगों, टेनरी, स्लाटर हाउस व अन्य उत्प्रवाह वाले उद्योगों का पानी साफ करने वाले सीईटीपी से जल निकासी पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए हैं। हालांकि उद्यमियों की मांग पर जिला प्रशासन ने फैक्टरियों को बंद रखने की बाध्यता से छूट देते हुए बंदी के निर्धारित रोस्टर पर पानी को नालों में न बहाए जाने को कहा है। सिर्फ उन्हीं उद्योगों को इसकी अनुमति दी जाएगी, जो प्रदूषित पानी न छोड़ने का शपथपत्र देंगे।
14 जनवरी मकर संक्रांति पर पहला स्नान पर्व है। इसके लिए पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुसार 10 जनवरी की रात 11 बजे से 14 जनवरी तक उत्प्रवाह बंद रखना है। इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम उद्यमियों के साथ बैठक कर चेतावनी दे चुके हैं। पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर उद्यमियों और सीईटीपी संचालकों ने सोमवार रात 12 बजे से उत्प्रवाह पर रोक लगा दी।
मंगलवार को बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने टीम के साथ सीईटीपी, टेनरियों और स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर खामी मिलने पर उसे दुरुस्त कराया। उन्होंने सभी फैक्टरियों के नालों और ड्रेन पाइप को सील करा दिया। सीईटीपी के नाले को पूरी तरह बंद करा दिया है। उन्होंने बताया जिन उद्यमियों ने पानी को उद्योग में बनाए गए टैंक में स्टोर करने, उत्प्रवाह को अपने निजी ईटीपी में साफ करके दोबारा प्रयोग करने या गीले के बजाए सिर्फ सूखा काम करने का शपथ पत्र दिया है, सिर्फ उन्हीं को संचालन की अनुमति दी गई है। निगरानी टीमें लगातार निरीक्षण करेंगी। खामी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
स्नान पर्व बंदी अवधि
14 जनवरी मकर संक्रांति 11 से 14 जनवरी
17 जनवरी पौष पूर्णिमा 14 से 17 जनवरी
1 फरवरी मौनी अमावश्य 29 जनवरी से 1 फरवरी
5 फरवरी बसंत पंचमी 2 से 5 फरवरी
16 फरवरी माघ पूर्णिमा 13 से 16 फरवरी
1 मार्च महाशिव रात्रि 26 फरवरी से 1 मार्च