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फार्मासिस्ट ने दो घंटे नहीं किया काम

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जिला अस्पताल में सांकेतिक हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते फार्मासिस्ट। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। पांचवें दिन भी फार्मासिस्ट दो घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार पर रहे। उनका कहना था कि सरकार अभी उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं कर रही है। 17 दिसंबर से उन्होंने आंदोलन और तेज करने की बात कही है।
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सुबह 8 से 10 बजे तक हुई सांकेतिक हड़ताल में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है। हमारी मांग है कि फार्मासिस्ट प्रभारी अधिकारी फार्मेसी व विशेष कार्य अधिकारी फार्मेसी को संयुक्त निदेशक फार्मेसी के पद पर स्थापित कर वही वेतन दिया जाए। सभी प्रकार के भत्तों में बढ़ोत्तरी हो।
फार्मासिस्ट संवर्ग का नाम बदला जाए। डॉक्टरों की अनुपस्थिति में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मासिस्ट को विधिक मान्यता दी जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार उप केंद्र पर तैनात सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर) की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा फार्मेसी या बैचलर फार्मेसी किए जाने सहित 20 मांगें हैं। इस दौरान जिला मंत्री आनंद सिंह, नीलम शुक्ला, संजय बहादुर, रामलखन, पंकज यादव, कुसुम यादव, दिलीप, संतोष कुमार, दिनेश कुमार उपस्थित रहे।
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