उन्नाव। डायग्नोस्टिक सेंटरों (अल्ट्रासाउंड सेंटर) के संचालन में जमकर धांधली चल रही है। एक पंजीयन नंबर से जिले के साथ दूसरे जिलों में आठ सेंटरों के संचालन का खुलासा हुआ है। नियमानुसार एक नंबर से सिर्फ दो केंद्र वह भी जिले में ही खोल सकते हैं। शासन स्तर से इसका खुलासा होने के बाद सीएमओ कार्यालय को दस नंबरों की सूची भेजी गई है। इन नंबरों से पंजीकृत सेंटरों का सत्यापन कर सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है।
शासन स्तर से सीएमओ कार्यालय 10 पंजीयन नंबरों की सूची भेजी गई है। इन नंबरों पर इस जिले में तो दो डायग्नोस्टिक सेंटर दर्ज हैं ही साथ ही बाराबंकी, संभल, आजमगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी और गोंडा में भी पांच से अधिक सेंटर संचालित हैं। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक एक जिले में सिर्फ एक पंजीयन नंबर से दो सेंटरों का संचालन किया जा सकता है। इसके ऊपर पंजीयन अवैध व गैर कानूनी माना गया है। शासन स्तर पर इसका खुलासा होने के बाद सीएमओ से भी इन नंबरों पर दर्ज सेंटरों की जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है। सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि सूची का सत्यापन कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
इन पंजीयन नंबर पर गड़बड़ी
पंजीयन नंबर 38810 से आठ डायग्नोस्टिक सेंटर, 54910 से पांच, 54489 से चार, 20295 से चार, 27610 से तीन, 52990 से तीन और पंजीयन नंबर 54665 पर तीन डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।