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जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे बुखार के दो सौ मरीज

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जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर लगी लोगों की भीड़। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला अस्पताल में हर रोज बुखार के 200 मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। डेंगू का अलर्ट जारी होने पर जिला अस्पताल में आठ बेड का वार्ड सुरक्षित करा दिया गया है।
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मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डेंगू मरीजों के मिलने की संभावना भी प्रबल हो गई है। अन्य जिलों में डेंगू के मरीज मिलने से शासन ने सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ ही बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच कराने के आदेश हैं। जिला अस्पताल में सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय व फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रताप सिंह के कक्ष में सुबह से ही बुखार के मरीज पहुंचने लगते हैं। सीएमएस डॉ. पवन कुमार ने बताया कि डेंगू वार्ड में कॉल डे के आधार पर डॉक्टर की तैनाती की गई है। कॉल डे वाले डॉक्टर ही डेंगू के मरीज को देखेंगे। वार्ड में स्टॉफ नर्स की भी ड्यूटी लगाई गई है।
बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों की जांच मशीनें खराब हैं। इससे जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। स्थिति यह है कि रोजाना 200 मरीजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा अन्य रोगों से संबंधित मरीज अलग जांच में शामिल हैं।
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डेंगू के लक्षण
ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार चढ़ना। मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना। आंखों के पिछले भाग में दर्द होना जो आंखों को दबाने और हिलाने पर और बढ़ता है। अत्यधिक कमजोरी लगना। भूख में कमी व जी मिचलाना। मुंह का स्वाद का खराब और गले में हल्का दर्द होना। शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, चेहरे, गर्दन व छाती पर दाने हो सकते हैं। डेंगू बुखार का इलाज होने पर पांच से सात दिन में मरीज ठीक हो जाता है।
बचाव के उपाय
डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें। इस बीमारी में डिसप्रिन व एस्प्रीन कभी न लें। बुखार 102 डिग्री से अधिक है तो बुखार को कम करने के लिए हाइड्रोथेरेपी करें। सामान्य रूप से भोजन देना शुरू रखें। बुखार की स्थिति में शरीर को और अधिक भोजन की आवश्यकता होती है। घर व आसपास सफाई रखें। किसी बर्तन व स्थान पर पानी न जमा होने दें।

जिला अस्पताल में तैयार किया गया डेंगू वार्ड। संवाद- फोटो : UNNAO

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