सफीपुर। बुखार से छह मौतों वाले गांव सकहन राजपूतान में संचालित अस्पताल में तालाबंदी से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों में किसी को भी दिक्तत होती है तो वह या तो स्वास्थ्य केंद्र या फिर झोलाछाप के पास जाने को मजबूर हैं। गांव में हुई मौतों को देखते हुए ग्राम प्रधान ने गांव में सफाई कराने के साथ सैनिटाइजेशन कराया।
सकहन राजपूतान गांव में अप्रैल महीने में बुखार, खांसी व ऑक्सीजन स्तर कम होने से गांव के सुशील, सुनील, अनुज, रामदुलारी, जगन्नाथ, जगदेई व सेवानिवृत्त शिक्षक जगपाल की मौत हो चुकी है। गांव के ही राजकुमार का इलाज कानपुर में चल रहा है। गांव में लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पहले बुखार व खांसी आने पर स्वास्थ्य केंद्र में ही डॉक्टर मरीजों को देखकर दवाएं लिख देते थे। कोविड संक्रमण के चलते डॉक्टर को सीएचसी में संबद्ध कर दिया गया है। ऐसे में ऐसे में सीएचसी या फिर आसपास गांवों में देखकर दवा देने वालों से मरीज दवा लाकर खा रहे हैं। ग्राम प्रधान सुनीता कुशवाहा ने ग्रामीणों को संक्रमण से बचाने के लिए गांव में सफाई कराने के साथ सैनिटाइजेशन भी कराया। सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि जहां आकस्मिक सेवाएं न चलाकर सिर्फ ओपीडी चलती थी वह बंद रहेंगे। वहां के स्टाफ को सीएचसी में संबद्ध किया गया है। गांव में स्वास्थ्य टीमों को भेजकर दवा वितरण का काम कराया जा रहा है।