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बर्ड फ्लू की पुष्टि पर एक किमी क्षेत्र सील

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हड़हा गांव में लोगों को बर्ड फ्लू के दौरान अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी देते पशु चिकित्सक। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव/अचलगंज। जिले में बर्ड फ्लू के दस्तक देने पर अलर्ट जारी किया गया है। सिकंदरपुर करन ब्लाक के हड़हा गांव में पांच दिन पूर्व मृत मिली तीन बतखों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। गांव के एक किमी क्षेत्र को सील करा दिया गया है। 10 किमी क्षेत्र में जीवित पक्षियों और उनका मांस लाने और ले जाने पर अग्रिम आदेशों तक बंद रखने को कहा गया है। क्षेत्र में शेष बची बतखों को मारने के लिए टीम गठित की जा रही है।
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16 जनवरी को हड़हा गांव के तालाब में पांच बतखें मृत मिली थीं। दस बतख बीमार थीं। पशु चिकित्सकों ने सैंपल लेकर जांच के लिए बरेली भेजे थे। गुरुवार को आई सैंपल रिपोर्ट में तीन बतखों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। इस पर डीएम रवींद्र कुमार ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह को क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार व डॉ. दिनेश और फार्मासिस्ट अजय कुमार गुरुवार शाम पांच बजे गांव पहुंचे। तालाब पर पहुंचकर बची बतखों की गिनती की।
ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर में 160 बतखे थी, लेकिन 16 जनवरी से अब तक 20 मर चुकी है। यह किसी की पालतू नहीं हैं। दो एकड़ जमीन पर फैले तालाब में गांव के शिवशंकर मछली पालन करते हैं। डॉक्टरों ने उन्हें मछली न पकड़ने की सलाह देते हुए बतखों को इधर-उधर न जाने देने की हिदायत दी। इसके पूर्व अचलगंज इंस्पेक्टर अतुल तिवारी ने भी तालाब पर पहुंच कर लोगों से उससे दूर रहने की सलाह दी।
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मीट की आठ दुकानें बंद कराई
गांव की साप्ताहिक बाजार में लगने वाली मीट की आठ दुकानों को बंद करा दिया गया है। आसपास के लोगों से किसी बीमार पक्षी को हाथ से न छूने को कहा गया। पशु चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जो बतखें बची हैं उनको मारने के लिए एक टीम गठित की गई है। यह टीम शुक्रवार को क्षेत्र में आकर बतखों को पकड़ेगी। साथ ही क्षेत्र में बैरीकेडिंग लगाकर सील करने और दवा छिड़काव समेत अन्य प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
बैरिकेडिंग होगी, कंट्रोल रूम बना
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद संक्रमण केंद्र से एक किमी क्षेत्र में आने वाले गांवों को संक्रमित जोन घोषित किया गया है। इन गांवों में बांस बल्ली से बैरीकेडिंग की जाएगी। क्षेत्र से पक्षियों के उत्पाद का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। शुक्रवार सुबह नौ बजे से गठित की गई रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा सभी पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से कलिंग (मारने) का काम किया जाएगा। राजकीय पशु चिकित्सालय अचलगंज पर कंट्रोलरूम की स्थापना करते हुए 24 घंटे कार्य के लिए निर्देशित किया गया। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को निर्देश दिए गए कि वह मृत पक्षियों के निस्तारण के लिए गड्ढा खोदने व फागिंग के लिए मशीन की व्यवस्था कराएं। पंचायतीराज विभाग कलिंग एवं निस्तारण के बाद क्लीनिंग कराएगा। सीएमओ अपनी देखरेख में कलिंग टीम को एंटी वायरल मेडिसिन उपलब्ध कराएंगे। 10 किमी क्षेत्र सर्विलांस जोन घोषित रहेगा।
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