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हाथ से फिसला मास्टर माइंड, 2.2 किलो सोना बरामद

Tue, 29 Sep 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला उन्नाव
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सोना लूटकांड में गिरफ्तार तीन बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया 2.2 किलो सोना तो अलग-अलग स्थानों से बरामद कर लिया लेकिन वारदात का मास्टर माइंड उनके हाथ से फिसल गया। सोमवार को एसपी पवन कुमार व एसटीएफ एसपी अमित पाठक ने पूरी कार्रवाई की जानकारी पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान दी और बताया कि बदमाशों से कई क्लू मिले हैं, जल्द ही फरार चल रहे लुटेरों को बाकी सोने के साथ गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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 बता दें कि बीते 28 अगस्त की रात सोहरामऊ थानाक्षेत्र में बदमाशों ने कानपुर के कोरियर वैन चालक हरिश्चंद्र यादव व सिक्योरिटी गार्ड रामबचन पांडेय को गोली मारकर सात किलो सोना लूट लिया था। गोली लगने से चालक हरिश्चंद्र यादव की मौत हो गई थी।

जनपद की पुलिस के साथ ही एसटीएफ लखनऊ को भी घटना के खुलासे के लिए लगाया गया था। एसटीएफ ने 16 सितंबर को 616 ग्राम सोने की ज्वैलरी के साथ तीन लुटेरों जीवन कुमार, अमित कुमार और मधुकर पांडेय को गिरफ्तार किया था। 21 सितंबर को इन्हें सात दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
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जिसके बाद अन्य लुटेरों और बाकी बचे सोने की तलाश में जुटी एसटीएफ टीम ने लुटेरे मधुकर पांडे की निशानदेही पर 24 सितंबर को बाराबंकी जिले के सरैयां गांव के पास पुलिया के नीचे से लूटे गए सोना की पैंकिग, थैला व खाली डिब्बे बरामद किए थे।

 इसके बाद 26  सितंबर को मधुकर की निशानदेही पर ही पुलिस ने उसके घर ऐशबाग लखनऊ के पास स्थित एक खाली प्लाट में गड्ढा खोदकर दबाया गया 200 ग्राम सोना और मिल रोड ऐशबाग लखनऊ निवासी भाई दिवाकर पांडेय के पास से एक किलो सोने के बिस्किट बरामद किए।

इसके अगले दिन 27 सितंबर को लुटेरे जीवन कुमार की निशानदेही पर उसके गीतापुरी, लखनऊ स्थित घर से एक किलो सोने के बिस्किट बरामद किए। पूरी कार्रवाई में पुलिस को कुल 2.2 किलो सोना तो हाथ लगा लेकिन उसके हाथ से पूरी घटना का मास्टर माइंड निकल गया।

पकड़े गए लुटेरों से पूछताछ के दौरान पता चला कि लखनऊ निवासी अनिल पटेल ही घटना का मास्टर माइंड है। उसने ही पूरी योजना तैयार की थी। रिमांड पर लिए गए लुटेरों की मदद से पुलिस को अनिल पटेल के पहले गोंडा में होने की पुख्ता जानकारी मिली। पुलिस ने वहां छापेमारी की तो वह कुछ समय पहले ही वहां से ठिकाना बदल चुका था।

कुछ ही दिन बाद पुलिस को उसके बहराइच में होने का पता चला। पुलिस वहां पहुंची तो वहां से भी वह पुलिस के हाथ से फिसल गया। इस लूटकांड में अनिल पटेल के अलावा छह और लुटेरों की पुलिस को तलाश है लेकिन इनमें से कोई भी अभी तक हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस कई अहम सुराग मिलने की बात कह रही है।

एसटीएफ एसपी अमित पाठक ने बताया कि रिमांड पर लिए गए लुटेरों से कई अहम क्लू मिले हैं। उन्होंने बताया कि बकाया करीब पांच किलो सोना और चिन्हित सात लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हो सकता है लूट की इस घटना में कई और लोग शामिल हों।
 
एसपी पवन कुमार ने बताया कि लूट की इस सनसनीखेज वारदात को बगैर कोरियर कंपनी के भीतर के किसी कर्मचारी की मिलीभगत के अंजाम नहीं दिया सकता था। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों पर शक है पुलिस उन पर नजर रखे है।

लूट की वारदात में एक बोलेरो और दो अपाचे बाइक का इस्तेमाल किया गया था। एसपी ने बताया कि बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अनिल पटेल शातिर लुटेरा है। उसने अपने साथी उन्नाव के माखी गांव निवासी सूरज के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई।

योजना को अंजाम देने में वाहन की कमी पूरी करने के लिए उसने वाहन लुटेरे मधुकर पांडेय से संपर्क किया और एक चोरी की बोलेरो का इंतजाम करने को कहा। मधुकर ने जीवन को योजना में शामिल किया उससे बोलेरो मंगवाई। अन्य लुटेरों बाइक सवार साथियों ने शहर कोतवाली के दही चौकी में कोरियर वैन का इंतजार किया और जैसे ही वैन गुजरी उन्होंने पीछा शुरू कर दिया। इसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया।
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