ओम प्रकाश यादव स्टेट बैंक वरिष्ट प्रबंधक औरैया।
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हसनगंज(उन्नाव)। आर्थिक तंगी से जूझ रहे छात्र की किस्मत गुरु जी ने बदल दी। छात्र की मेहनत और लगन को देख उन्होंने उसे न सिर्फ पढ़ाया बल्कि आर्थिक सहयोग भी किया। कुछ समय बाद वहीं छात्र स्टेट बैंक का वरिष्ठ प्रबंधक बन गया। छात्र का कहना है कि आज वह जो भी है गुरुजी के आशीर्वाद से है। वह उन्हें अपने जीवन में कभी नहीं भुला सकता।
हसनगंज ब्लॉक के गांव कोरोकल्याण निवासी छात्र ओमप्रकाश यादव की आर्थिक स्थित काफी कमजोर थी। ओमप्रकाश बताते हैं कि गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई के बाद मोहान के गांधी मिशन इंटर कॉलेज में प्रवेश लिया। स्थिति यह थी कि स्कूल जाने के लिए भी उसे दूसरे साथियों का सहारा लेना पड़ता था। कभी-कभी साथियों के चले जाने से पैदल भी स्कूल जाना पड़ जाता था। निंदेमऊ निवासी शिक्षक राममोहन मौर्य ने उसे 1200 रुपये की साइकिल दिलाई और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। कोचिंग में भी वह मुझे बिना पैसों के पढ़ाते थे। 2004 में इंटर पास होने के बाद बीएससी और एमएससी करने का भी खर्च गुरुजी ने ही उठाया। उनकी प्रेरणा से पहले देना बैंक में नौकरी मिली बाद में भारतीय स्टेट बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक बन गए। पिता सूर्यपाल यादव बटाई पर किसानी करते थे। चार भाइयों में वह दूसरे नंबर का है।