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जिले के विकास पर खर्च होंगे 50 करोड़

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निराला प्रेक्षागृह में आयोजित जिला पंचायत की बैठक में बोलती अध्यक्ष संगीता सेंगर व मौजूद विधायक - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। अगले एक साल में जिले के विकास पर 50 करोड़ खर्च होंगे। इसकी रूपरेखा जिला पंचायत की बैठक में तय की गई। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा सड़क, पुलिया व नाला निर्माण के लिए बैठक में प्रस्ताव रखे गए। जिसे सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकृत कर दिया। हालांकि इस दौरान कई जिलास्तरीय अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर सदस्य आक्रोशित दिखे।
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निराला प्रेक्षागृह में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर ने की। अपर मुख्य अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने पिछली बैठक की कार्यवाही सदन में रखी। इसके बाद अपर मुख्य अधिकारी ने केंद्रीय 15वें वित्त व राज्य वित्त आयोग की वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना अनुमोदन के लिए रखी। बैठक में मौजूद जिला पंचायत सदस्य धीरेंद्र विमल, उपासना, रामजानकी आदि ने क्षेत्र के सड़कों की समस्याएं रखीं। सदस्य विनोद कुमार लोधी, विकास मिश्रा व केतकी आदि ने भी राशन कार्ड व स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को सदन में रखा। ब्लॉक प्रमुख बीघापुर के प्रतिनिधि अजीत बाबी, सिकंदरपुर करन की प्रमुख पुष्पा यादव ने भी बैठक में बिजली, पानी व खस्ताहाल मार्गों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। सभी सदस्यों ने सड़क, शौचालय निर्माण से संबंधित प्रस्ताव सदन में रखे। जिसे अनुमोदित कर दिया गया। अपर मुख्य अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि करीब 50 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। प्रस्तावों में सड़क व पुलिया निर्माण की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालय व पानी निकासी के लिए नाला निर्माण भी शामिल है। बताया कि प्रस्ताव के सापेक्ष उपलब्ध धनराशि से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे।
कई अधिकारियों के न पहुंचने से सदस्यों ने किया हो-हल्ला
जिला पंचायत की बैठक में कई विभागों के कार्यालयाध्यक्ष नहीं पहुंचे। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति पहुंचे लेकिन मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग होने की बात कहकर जल्दी ही वहां से चले गए। वहीं, जब जिला पंचायत सदस्योें ने अपनी समस्याएं बतानी शुरू की तो जवाब देने के लिए अधिकारियों को नाम से बुलाया गया। काफी देर तक जब अधिकारी नहीं उठे तो पता चला कि साहब बैठक में नहीं आए हैं। इसको लेकर सदस्यों ने हो हल्ला शुरू कर दिया। सदस्यों का कहना था कि जब अधिकारी आते ही नहीं हैं तो शिकायतों का निस्तारण कौन करेगा। बैठक में सफ ीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, मोहान विधायक बृजेश रावत, असोहा ब्लॉक प्रमुख राजकुमार रावत, एमएलसी प्रतिनिधि अरुण पाठक के प्रतिनिधि संजीव त्रिवेदी समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
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