उन्नाव। धर्म के रक्षक, अमृत के दाता और सरबंसदानी साहिब गुरु गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव शहर में धूमधाम से मनाया गया। पंचप्यारों के नेतृत्व में नगर कीर्तन (जुलूस) निकाला गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरे जुलूस का जगह-जगह स्वागत हुआ। वाहे गुरु, वाहे गुरु के उद्घोष से शहर गूंजता रहा।
रविवार को दसवें गुरु गोविंद सिंह के 348 वें प्रकाशोत्सव में निकाले गए जत्थे को सदर विधायक पंकज गुप्ता, पूर्व सांसद देवीबक्श सिंह, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जत्थे में सुरेंद्र पाल सिंह, चरनजीत सिंह, कमलदीप सिंह, देवेंद्र सिंह व सुखबीर सिंह पंचप्यारे बने थे।
वहीं, पंचप्यारियों में शामिल हर्षिका सिंह, इशा अमर, साक्षी श्रीवास्तव, प्राची सविता और जूली पर बार अध्यक्ष सतीशचंद्र शुक्ला व पूर्व बार अध्यक्ष गिरीशचंद्र मिश्रा, एबीआरसी विनय त्रिपाठी ने पुष्प वर्षा की। गुरु गोविंद सिंह के अनुयायी जत्थे के आगे झाड़ू लगाते, जल का छिड़काव व पुष्प वर्षा करते चल रहे थे।
वहीं, जत्थे में शामिल लोग सबद-कीर्तन कर रहे थे। लाउडस्पीकरों पर वाहे गुरु के स्वर लगातार गूंज रहे थे। कानपुर खालसा इंटर कॉलेज और उन्नाव के सिक्खों ने भारत माता की झांकी निकाली। इससे पहले सुबह नौ बजे से गुरुद्वारे में अखंड पाठ शुरू हुआ।
दोपहर एक बजे श्री गुरुग्रंथ साहिब की हुजूरी में पंच प्यारों के नेतृत्व में नगर कीर्तन जुलूस गुरुद्वारे से शुरू होकर सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, सुंदर टाकीज, छिपियाना चौराहा, दादा मियां का चौराहा, धवन रोड, गुरुतेग बहादुर मार्ग, आईबीपी चौराहा होते हुए वापस गुरुद्वारा पर आकर संपन्न हुआ।
बड़ा चौराहा पर जत्थे का स्वागत भगवंत नगर विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने किया। जत्थे में तीन बैंड चल रहे थे। जिसमें दो उन्नाव के थे तथा तसीरा मिलेट्री बैंड था जो कानपुर से आया था। साथ ही चार कीर्तन जत्थे भी शामिल थे। इसमें गोविंदनगर का कलगीधर जत्था, गुमटी नंबर पांच का गुरुसेवक जत्था, लाल बंगले का सिक्ख गुरु एसोसिएशन व सिक्ख स्टडी सर्किल शामिल थे।
नगर कीर्तन के दौरान सरदार कैप्टन सिंह, जनरैल सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, मनोहर सिंह अरोड़ा, गुरुद्वारे के प्रधान गुरुवीर सिंह, कल्याण सिंह, कुलबीर भाटिया, जसमीत, गुरुमीत आदि मौजूद रहे।