उन्नाव। कोहरे और पाले से दलहनी व तिलहनी फसलें झुलसने लगी हैं। खेतों में खड़ी सरसों के पौधे से फूल झड़ने लगे हैं। वहीं पान, आलू व हरी सब्जियों का भी उत्पादन गिरने की आशंका जताई जा रही है। मौसम की इस मार से किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
लगातार पाला गिरने का असर दलहनी व तिलहनी फसलों पर दिखने लगा है। तिलहनी की प्रमुख फसलों में सरसों व राई तोरिया के साथ दलहनी में अरहर समेत अन्य फसलें कोहरे व पाले के प्रकोप से झुलसने लगी हैं। किसानों का कहना है कि मौसम की मार से फसलों का उत्पादन गिर सकता है।
कृषि वैज्ञानिक भी मान रहे हैं कि इस कोहरे व पाले से फूलदार फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। कई स्थानों से फूल व पत्तियों के झड़ने की शिकायतें कृषि विभाग के अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं। इस बार जिले में 17585 हेक्टेअर में सरसों और 9000 हेक्टेअर में तोरिया की फसल बोई गई है।
जिला कृषि अधिकारी ओपी मिश्रा का कहना है कि अब यह कोहरा व पाला तिलहनी व दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई किसानों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
रिकार्ड हो सकता है गेहूं का उत्पादन
इस बार मौसम गेहूं की फसल के लिए रामबाण साबित हो रहा है। लगातार कोहरे से गेहूं की फसल को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है। खेतों में गेहूं की फसल लहलहाती दिख रही है। जनपद में इस बार 2,43,215 हेक्टेअर में गेहूं की बुआई की गई है। 38 कुंतल प्रति हेक्टेअर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कृषि अधिकारी के मुताबिक, कोहरे व पारे से गेहूं की फसल को तगड़ा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।