उन्नाव। जीआरपी की ओर से पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई गलत सूचना से जिले में हड़कंप मच गया। पुलिस भर्ती से वंचित अभ्यर्थियों द्वारा जबरन ट्रेन रोके जाने की सूचना से कोतवाली पुलिस के अलावा आसपास के कई थानों की फोर्स को मौके पर बुला लिया गया। बाद में पता चला कि सेना में भर्ती की परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थी ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए थे। बाद में नीचे उतार कर ट्रेन को रवाना कर दिया गया।
मंगलवार शाम करीब तीन बजे कानपुर से चलकर रायबरेली जा रही पैसेंजर ट्रेन सेना भर्ती के अभ्यर्थियों से खचाखच भरी हुई उन्नाव स्टेशन पहुंची। ट्रेन रुकने पर उन्नाव जंक्शन पर उतरने वाले युवकों ने रास्ता न मिलने पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
इसके बाद रायबरेली की ओर जाने वाले लोग बैठने के लिए धक्कामुक्की करने लगे। जगह न मिलने पर सैकड़ों युवक ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए। जीआरपी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो वह हंगामा करने लगे। माहौल बिगड़ते देख जीआरपी ने पुलिस कंट्रोलरूम को पुलिस अभ्यर्थियों द्वारा ट्रेन रोकेने की सूचना दे दी।
सोमवार को हुए प्रदर्शन और जाम की घटना को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और कोतवाली के अलावा आसपास के थानों की फोर्स को रेलवे स्टेशन पहुंचने के निर्देश दिए गए। सीओ सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा, कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी के अलावा किला चौकी इंचार्ज मो. मन्नान समेत सभी चौकी प्रभारी पुलिस जवानों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां न ट्रेन थी और न उसे रोकने वाली भीड़।
जीआरपी थाने में तैनात दरोगा रामलक्ष्मण सिंह ने सीओ सिटी को बताया कि उन्होंने सेना भर्ती की परीक्षा देकर कानपुर से लौट रहे लोग ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए थे। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम को सुनने में कुछ गलती हुई होगी। हालांकि सबकुछ शांत होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।