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सरकारी कंबल : वजन आधा, नहीं जाता जाड़ा

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उन्नाव। रात का पारा 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल में मरीज कंबल मांग रहे हैं लेकिन 48-48 बेड के दो वार्डों में केवल 20-20 कंबल ही उपलब्ध हैं। जो कंबल हैं भी वह इतने हल्के व पतले हैं कि जाड़ा नहीं जाता। मानक की बात करें तो कंबल वजन में करीब आधे हैं।
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को कंबल देने की सुविधा है लेकिन अभी तक यह स्टोर से निकाले ही नहीं गए। दो वार्डों के 96 बेड के लिए सिर्फ 40 कंबल हैं, वह भी मरीजों का ठंड से बचाव नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंबलों का वजन मानक से करीब आधा है। शासन के निर्देशों के अनुसार, सर्दी में दिए जाने वाले कंबल का वजन दो किलो 200 ग्राम होना चाहिए, लेकिन जिला अस्पताल के कंबल का वजह सिर्फ एक किलो 200 ग्राम ही है। तीमारदारों ने बताया कि कंबल इतने हल्के हैं कि सर्दी से बचाव नहीं होता है। इससे मरीज अपने घर से कंबल मंगाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों में केवल दो ने ही सरकारी कंबल लिया। अन्य मरीज अपना खुद का कंबल ओढ़े और बेड पर बिछाए नजर आए।





मरीजों की बात



बेनीगंज डीह के रज्जन ने बताया कि मां अमृता को काफी दिन से बुखार आ रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। स्वास्थ्य कर्मियों से रात में कंबल मांगा तो उन्होंने दिया तो लेकिन कुछ देर बाद वही कंबल दूसरे मरीज को दे दिया। इसके बाद घर से कंबल लाना पड़ा।
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बाबूखेड़ा के अरुण ने बताया कि भाई जीतू को बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड में सर्दी से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। घर से कंबल और बिछाने के लिए चादर भी लेकर आए थे। कई बार कर्मचारियों से मांगने पर भी अस्पताल से कंबल नहीं मिल पाया।





कोट



सर्दी से बचाव के लिए मरीज को उनकी आवश्यकता के अनुसार एक या इससे अधिक भी कंबल दिए जाते हैं। जिला अस्पताल में पर्याप्त कंबल उपलब्ध हैं। जरूरत होगी तो और मंगवाए जाएंगे। जल्द ही सभी वार्डों में हीटर भी लगवाए जाएंगे, ताकि मरीजों को ठंड में परेशानी न हो।
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डॉ. आरए मिर्जा सीएमएस, जिला अस्पताल
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