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अस्थायी गोशाला में संरक्षित 41 गोवंश ‘गायब’

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माखी ग्राम पंचायत के मजरा भवानीखेड़ा में बनी अस्थाई गोशाला।संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। मियागंज विकासखंड की ग्राम पंचायत माखी के मजरा भवानीखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला में पिछले 15 माह में संरक्षित मवेशियों में 41 गायब हो गए। बड़ी बात यह है कि ये पशु कहां गए न तो इसकी जानकारी कि सी अधिकारी को है और न ही केयरटेकर को।
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सीडीओ के निर्देश पर परियोजना निदेशक (पीडी) डीआरडीए यशवंत सिंह ने 16 अक्तूबर को भवानीखेड़ा में बनी अस्थायी गोशाला का औचक निरीक्षण किया। मौके पर उन्हें गोशाला में मात्र 14 पशु संरक्षित मिले। जबकि यहां पर और मवेशियों के रखे जाने के लिए पर्याप्त जगह थी। निरीक्षण पंजिका को देखने पर पता चला कि 24 जून 2020 को संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग ने औचक जांच की थी। जिसमें उन्होंने गोशाला में 55 मवेशी सरंक्षित होने की जानकारी लिखी थी।
जबकि पीडी को मात्र 14 मवेशी ही मिले। उन्होंने गोशाला के केयरटेकर से गायब 41 मवेशियों के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। परियोजना निदेशक ने गोशाला के स्टोररूम का निरीक्षण किया तो वहां चारा (भूसा) नहीं मिला। केयरटेकर भूसा कब तक आएगा इसकी जानकारी नहीं दे पाया। पीडी को आखिरी टीकाकरण 7 जुलाई 2020 का मिला। इसके बाद मवेशियों को टीका नहीं लगाया गया।
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जांच के दौरान परियोजना निदेशक ने पाया कि पिछले दो साल से इस गोशाला में एक भी नया पशु पकड़कर नहीं लाया गया। जबकि क्षेत्र में काफी संख्या में अन्ना मवेशी हैं। पिछले लंबे समय से किसी भी अधिकारी ने इस गोशाला का निरीक्षण नहीं किया। बीडीओ मियागंज ने न तो गोशालाओं को लेकर कोई समीक्षा की और न ही यहां की व्यवस्था दुरुस्त करने को कोई प्रयास किया। गोशाला में संरक्षित मवेशियों को किसी भी किसान को नहीं दिया गया। पीडी ने पूरी रिपोर्ट सीडीओ को भेजी है।
परियोजना निदेशक को अस्थायी गोशाला का निरीक्षण करने भेजा था। उनकी रिपोर्ट मिली है। जिसमें 41 पशुओं के गायब होने और अन्य खामियों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर जो भी अधिकारी इसके जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- दिव्यांशु पटेल, मुख्य विकास अधिकारी
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