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Unnao News: सड़कों के गड्ढामुक्त अभियान की होगी जियो टैगिंग

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उन्नाव। इस बार सड़कों के पैचवर्क में खानापूर्ति नहीं चलेगी। शासन ने गड्ढामुक्त अभियान की जियो टैगिंग कराने के आदेश दिए गए हैं। पैचवर्क से पहले और काम होने के बाद की फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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शासन ने 1082 किलोमीटर सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए 3.91 करोड़ (प्रांतीयखंड को 206.99 और निर्माणखंड को 184.43 लाख) का बजट दिया।
लोक निर्माण विभाग ने कुछ दिन पहले जिले के खस्ताहाल मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए सर्वे कराया था। इसमें काफी मार्ग खस्ताहाल मिले थे। जिसकी सूची बनाकर मुख्यालय भेजी गई थी।
हालांकि पूर्व में ठेकेदारों द्वारा विभागीय जिम्मेदारों की सांठगांठ से पैचवर्क में खानापूर्ति भी की जाती रही है। जिससे सड़क के गड्ढे एक दो माह में ही फिर बाहर आ गए। इसकी शिकायत पहुंचने पर शासनस्तर से गड्ढामुक्त अभियान की मॉनीटरिंग के आदेश दिए गए। जिसको लेकर इस बार गड्ढा मुक्त अभियान की जियो टैगिंग कराई जाएगी।
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कार्यदायी संस्था को पैचवर्क का काम शुरू करने से पहले सड़क की फोटो अपलोड करनी होगी। फिर पैचवर्क का काम जब खत्म हो जाएगा तब भी उन्हें फोटो अपलोड करनी होगी। पैचवर्क के काम में डामर और गिट्टी का जो मानक तय किया जाएगा उसे पूरा करना होगा। विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी।
गड्ढामुक्त अभियान के नोडल अधिकारी हरदयाल अहिरवार ने बताया कि सड़कों की इस बार जियो टैगिंग कराने के निर्देश मिले हैं। काम शुरू करा दिया गया है। तेजी से काम चल रहा है। 15 अक्तूबर तक हर हाल में सभी गड्ढों का पैचवर्क करा लिया जाएगा।
अमर उजाला ने कम समय में सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने कम समय में ही सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया था।
सात सितंबर को इससे संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। बताया था कि इस बार सामान्य बारिश भी नहीं हुई फिर भी पिछले अभियान में भरे गए गड्ढों का डामर बह गया और गिट्टियां बाहर झांकने लगीं। इसके बाद ही सड़कों की जियो टैगिंग कराने की व्यवस्था लागू की गई है।
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