बांगरमऊ। ग्रेट ब्रिटेन की संस्था वेल्स मिस यूनिवर्स की निदेशक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों का दौरा किया।
टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के बीच बैठक कर उन्हें बेटे-बेटी में भेद न करने, समान पालन-पोषण और शिक्षा व अधिकार देने के लिए जागरूक किया। दिव्यांगों और एसिड अटैक पीड़ितों से भी दूरी न बनाने का आह्वान किया।
वेल्स मिस यूनिवर्स की निदेशक पौला वेल्स के नेतृत्व में आए टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि एसिड अटैक पीड़ित महिला-पुरुषों के लिए जन-जागरूकता और संरक्षण के लिए प्रचार-प्रसार करने वाली दिल्ली की एनजीओ नावमी-ए-सिस्टर हुड के फाउंडर एवं निदेशक आलोक दीक्षित के आवाहन पर जागरूकता कार्यक्रम चल रहा है।
प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने माढ़ापुर, खजुरिया, चहलहा, शिवपुरी और भुलभुलियाखेड़ा समेत आधा दर्जन गांवों का सघन दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल की मुखिया पौला वेल्स ने ग्रामीणों को लड़कों की तरह लड़कियों का भी सामान पालन-पोषण करने, उच्च शिक्षित करने, एसिड अटैक अथवा अन्य कारणों से दिव्यांग लड़कियों से घृणा न कर उन्हें संरक्षण देने के प्रति जागरूक किया। बताया कि भारत देश की तरह यूनाइटेड किंगडम में युवक और युवती में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है।
अंग्रेज महिलाओं के आगमन पर ग्राम भुलभुलिया खेड़ा निवासी नरेश कुमार द्विवेदी, विपिन कुमार द्विवेदी,उत्सव द्विवेदी, विनय कुमार द्विवेदी, लक्ष्मी नारायण, मनीराम कुशवाहा, विजयपाल कुशवाहा व रामू कुशवाहा आदि ग्रामीणों ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया।
ग्रेट ब्रिटेन की युवती जसिका ने बताया कि वह मौजूदा वर्ष 2023 में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद अपने देश की मिस यूनिवर्स चुनी गई हैं। भविष्य में उसे मिस वर्ल्ड यूनिवर्स खिताब की प्रतिस्पर्धा में शामिल होना है। वह अपने देश पहुंचकर लोगों को यहां की संस्कृति से रूबरू कराएंगी।