उन्नाव। एक सप्ताह से लगातार बढ़ोतरी के बाद गुरुवार गंगा के जलस्तर में 24 घंटे में दो सेमी की कमी आई। बुधवार शाम 113.112 मीटर से घटकर गुरुवार शाम 113.100 मीटर हो गया। हालांकि खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर होने से नदी के तटवर्ती गांवों में स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं। वहीं बांगरमऊ के धन्नापुरवा में बाढ़ का पानी गांवों में रोकने के लिए अस्थायी व्यवस्था के तहत डाले गए जियो बैग बह गए। इससे अब नजदीक के गांवों में भी पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
जियो बैग बहे, गांवों की तरफ फैल रहा पानी
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। ग्राम पंचायत कटरी गदनपुर अहार के मजरा धन्नापुरवा में सिंचाई विभाग ने परक्यूप्वाइंट के माध्यम से कटान रोकने के प्रबंध किया था। 200 मीटर दूर पानी रोकने के लिए जीयो बैग बोरी आदि डालने की अस्थायी व्यवस्था फेल हो गई। गुरुवार दोपहर जियो बैग व बोरियां बह गईं। इससे छह गांवों में पानी फैलने लगा है। ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार ने बताया कि धन्नापुरवा के पास सिंचाई विभाग ने कटान प्रबंधन के कार्य कराए थे। गुरुवार दोपहर बैग और बोरियां पानी के तेज बहाव और कटान होने से बह गए। इससे बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा। इससे चौगवां, रुस्तमपुर, नेकपुर, लौकिहा, उम्मरपुर प्रीतम आदि गांवों में किसानों की फसल पर असर पड़ेगा। जानकारी पर एसडीएम बांगरमऊ नवीन चंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि कटान प्रबंधन कार्य सुरक्षित है।(संवाद)
20 गांवों में घरों में पहुंचा पानी
सफीपुर (उन्नाव)। गंगा-कल्याणी नदी में आई बाढ़ से 20 गांव में पानी गलियारों से होकर घरों के अंदर पहुंच गया। रामपुर, शेरपुर, उडंकपुरवा, इब्राहीमाबाद, कारीमाबाद, हमजापुर, नीबीगाड़ा आदि के गलियारों में पानी भरा है।ग्रामीण गहोली, जमालनगर, सकहन राजपूतान में बने राहत शिविरों में पहुंच रहे हैं। परियर-दबौली, शेरपुर-मुरादपुर, सनहा-गहोली मार्ग डूबने से कटरी के लोगों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। रास्ता बंद होने से अधिकारी भी बाहर तक ही सीमित हैं। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक नाव से स्कूल पहुंच रहे हैं। हमजापुर व रामपुर स्कूल को बंद करके दूसरे स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। सकहन राजपूतान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मार्ग में पानी भरने से गहोली शिफ्ट कर दिया गया है। बाढ़ में एक हजार बीघा से अधिक सब्जी व अन्य फसलें खराब हो गई हैं। एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री व आवागमन को नाव की व्यवस्था की गई है। (संवाद)
टेंट में ग्रामीण, बांटे लंचपैकेट
परियर (उन्नाव)। बाढ़ से ग्रामीणों की समस्याएं बरकरार हैं। माना बंगला, बाबू बंगला, चंडी बंगला, पनपथा, अल्लीपुर, टपरा, कोलवा व बेनीपुरवा आदि गांव प्रभावित हैं। गंगा नदी के जलस्तर गुरुवार को कुछ कमी आई है। परियर-बिठूर मार्ग पर पानी आने से। आवागमन प्रभावित है। मुख्य मार्ग पर देवीपुरवा मोड़ के पहले व कल्याणी नदी से आगे सड़क पर भी भरने लगा है। मरौदा पनपथा व देवीपुरवा परियर मार्ग पूरी तरह डूबे हैं। उधर डीएम के निरीक्षण के बाद दूसरे दिन गुरुवार को बाढ़ चौकी जानकीकुंड में रह रहे ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई गई। सदर विधायक पंकज गुप्ता और एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने भी राहत शिविर में रह रहे लोगों को लंच पैकेट, ब्रेड, बिस्कुट, फ्रूटी आदि वितरित की।
-
गंगा और पांडु नदी के बीच पसनिया खेड़ा नहीं पहुंच रही राहत
बीघापुर (उन्नाव)। बाढ़ के चलते दूलीखेड़ा, लालखेड़ा, पसनियाखेड़ा, सीतारामखेड़ा व गढ़ेवा के लोग परेशान हैं। पसनियाखेड़ा और सीतारामखेड़ा चारों ओर पानी से घिर गए हैं। बुधवार रात पानी बढ़ने से गढ़ेवा, करमी, बैदरा, पाही व चंदनपुर में बोई गई फसलों में पानी भरने लगा। किसान खेतों की मेढ़ ऊंची कर और पंपसेट पानी निकालने कर फसल को बचाने का प्रयास करते रहे। गढ़ेवा की गोशाला में पानी भरने से जानवरों को छोड़ दिया गया है। एसडीएम रणवीर सिंह ने बताया कि कर्मचारी बाढ़ राहत केंद्र पर तैनात हैं। किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर तत्काल समाधान कराया जा रहा है।
-
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad
फोटो नंबर 30-सनहा-गहोली मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच सुरक्षित स्थान पर जाते हमजापुर के ग्रामीण- फोटो : Samvad