उन्नाव। गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से अब बाढ़ का खतरा अब मंडराने लगा है। शनिवार शाम छह बजे जलस्तर 112.960 मीटर पर पहुंच गया। जो खतरे के निशान से मात्र चार सेमी ही दूर है। ऐसे में रविवार को जलस्तर के खतरे के निशान 113 मीटर को पार किए जाने की संभावना बढ़ गई है। उधर, तीन से चार घंटे एक सेमी जलस्तर बढ़ने से परियर सहित अन्य क्षेत्रों में हालात भयावह हो गए। परियर में घरों के अंदर पानी घुस गया है। इससे लोगों ने गांवों से पलायन शुरू कर दिया है।
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मरौंदा पनपथा मार्ग पानी में डूबा, ट्रैक्टर से पहुंचे एसडीएम
परियर (उन्नाव)। सदर तहसील क्षेत्र के माना बंगला, बाबू बंगला, चंडिका बंगला, पनपथा, अल्लीपुर, टपरा, कोलवा, बेनीपुरवा गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया है। मरौंदा पनपथा मार्ग पूरी तरह से डूब गया है। परियर देवीपुरवा मार्ग भी पानी से घिरा है। ऐसे में आने जाने के लिए सरकारी नाव की व्यवस्था न होने से ग्रामीण अपनी निजी नाव या अंदाजे से पैदल ही पानी मंझाकर निकल रहे हैं। उधर, बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। शनिवार दोपहर एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी ने रास्तों में पानी भरा होने से ट्रैक्टर से माना बंगला गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। परियर बाढ़ चौकी में लगभग सौ लोगों को सदर विधायक पंकज गुप्ता व एसडीएम ने राहत सामग्री वितरित की। वहीं पनपथा से परियर बाढ़ चौकी राशन लेने आई महिलाओं ने घर से छह किमी दूर बुला कर राहत सामग्री देने पर नाराजगी जाहिर की। मुन्नी,रमदेई, राजेश्वरी, रामदुलारी आदि ने बताया कि छह किमी दूर छोटे बच्चे व गृहस्थी छोड़ पैदल इतनी दूर राशन लेने आना पड़ा।
दो गांव में 10 गर्भवती, गांव में लगाई गई नाव
बाढ़ प्रभावित गांव पनपथा व गंगादीनपुरवा में 10 गर्भवती हैं। इसमें से चार दुर्गा पत्नी रामनाथ, रेखा पत्नी विष्णु, बिट्टो पत्नी सुनील व पुष्पा पत्नी नरेश नौ माह और वंदना पत्नी नीरज, पूजा पत्नी राकेश एवं धनपाता पत्नी छोटू सात माह की गर्भवती हैं। बाकी तीन महिलाएं तीन-चार माह की गर्भवती हैं। गर्भवती महिलाओं को आने जाने में दिक्कत है। ऐसे आने जाने के लिए नाव की व्यवस्था न होने से समस्या अधिक है। एसडीएम क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि परियर क्षेत्र के माना बंगला और बाबू बंगला में दो-दो नाव और पनपथा में पांच नाव लगाई गई हैं। ग्रामीणों से बाढ़ राहत केंद्रों में जाने को कहा गया है।
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सफीपुर में कई मार्ग पानी में डूबे
सफीपुर (उन्नाव)। गंगा कटरी क्षेत्र का रामपुर गांव जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। क्षेत्र के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण जमालनगर-दबौली मार्ग पर गांव उडंकपुरवा के पास पानी भर गया है। कल्याणी नदी के मुरादपुर पुल के पास भी सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। ददलहा, रूपपुर चंदेला, जमुनिहा कच्छ, सेवापुरवा, रायपुर नेवादा, कारीमाबाद, अल्लीपुर, इब्राहिमाबाद, उडंकपुरवा व शेरपुर आदि गांवों के लोग तहसील मुख्यालय तक मात्र सनहा-गहोली मार्ग से चक्कर लगाकर पहुंच पा रहे हैं। उडंकपुरवा, रामपुर व अल्लीपुर सहित शेरपुर गांव पानी से घिर जाने पर संक्रमण रोकथाम के लिए डॉ. बृजेश सिंह की टीम पहुंची और लोगों की जांच कर दवा वितरित की। एसडीएम शिवेंद्र कुमार वर्मा ने भी जमालनगर गैर एहतमाली के अलावा रामपुर गांव पहुंचने के लिए नाव चलवाई। किसी भी खतरे की संभावना को देखते हुए 19 नाव की व्यवस्था की गई है। जरुरत पड़ी तो प्रभावित ग्रामीणों को गृहस्थी समेत सुरक्षित स्थानों पर भिजवा दिया जाएगा।
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चिंरजूपुरवा गांव के अंदर मार्ग पर भरा पानी
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। लगातार गंगा के जलस्तर बढ़ने से गांव शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला में पानी अंदर पहुंच गया है। चिरंजूपुरवा गांव के अंदर मार्ग पर पानी पहुंच गया है। गांव चिरंजूपुरवा व गांव कबूलपुर मार्ग से शहरिया सलेमपुर, कुशेहर बंगला को जाने वाले दोनों मार्ग जलमग्न हो गए हैं। प्रधान रोशन ने बताया कि मार्ग पर पानी भर जाने से प्रशासन द्वारा दोनों मार्ग पर ग्रामीणों के आने जाने के लिए चार नावों का संचालन किया जा रहा है। चिरंजूपुरवा गांव के अर्जुन ने बताया कि गांव चिरंजूपुरवा पूर्वी में गांव के अंदर रास्तों में बाढ़ का पानी आ गया है। गड़ाई के प्रधान लक्ष्मी नारायण, दबौली के प्रधान विजय शंकर, विनोद, नीरज पांडेय व चंद्र पाल आदि ने बताया कि ऐसे ही गंगा के जलस्तर बढ़ता रहा तो और गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगे।
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सई नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबी फसलें
हसनगंज (उन्नाव)। बारिश के चलते सई नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे आसपास के गांव रसूलपुर बकिया, नींदेमऊ पिचपरी, हसनगंज, मोहान, भोगला, आदमपुर बरेठी, अहमदपुर टकटोली, नेपालापुर, दरिहट, सलेमपुर, रजापुर, पखुरदीमऊ, निजामखेड़ा, खपुरा भट्ट, रफीगढ़ी, छरेहरा आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघे जमीन पर बोई धान व मक्का की फसल जलमग्न हो गई है। किसान उदय भान, संजय, मुन्ना, कौशलेंद्र व अच्छे लाल आदि ने बताया कि इस बार धान की फसल बहुत अच्छी थी, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से फसल डूब गई। साल भर रोजी रोटी का एकमात्र सहारा था। कई बार लेखपाल को फोन कर फसल जलमग्न होने की जानकारी दी, लेकिन कोई जांच करने नहीं आया। एसडीएम प्रज्ञा पांडेय ने बताया कि सई नदी के किनारे बोई फसल जलमग्न होने की जानकारी हुई है।लेखपाल को भेजकर दिखवाएंगे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 36 मरीजों की जांच कर दी दवाएं
उन्नाव। एसीएमओ डॉ.एचएन प्रसाद ने शनिवार को शुक्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का नाव से निरीक्षण किया। यहां उन्होंने 36 मरीजों की जांच की। इसके बाद उन्हें दवा और रोगों से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बाढ़ क्षेत्र में लगी मेडिकल टीम को किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। बताया कि मेडिकल टीम लगातार लोगों पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा उनकी जांच कर दवाएं भी दी जा रही हैं। (संवाद)
फोटो-28- बढ़े जलस्तर के बाद गृहस्थी का सामान व मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थान को जाते ग्रामीण। स- फोटो : संवाद
फोटो-28- बढ़े जलस्तर के बाद गृहस्थी का सामान व मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थान को जाते ग्रामीण। स- फोटो : संवाद
फोटो-28- बढ़े जलस्तर के बाद गृहस्थी का सामान व मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थान को जाते ग्रामीण। स- फोटो : संवाद
फोटो-28- बढ़े जलस्तर के बाद गृहस्थी का सामान व मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थान को जाते ग्रामीण। स- फोटो : संवाद
फोटो-28- बढ़े जलस्तर के बाद गृहस्थी का सामान व मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थान को जाते ग्रामीण। स- फोटो : संवाद