परियर। पिछले दो दिनों से नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने से बढ़े गंगा के जलस्तर से हुई कटान से परियर व आसापास गांव के लोगों में दहशत हैं। रेती में बोई गई सब्जी की फसलें डूबने लगीं हैं। श्मशान घाट तक भी पानी पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बालू खनन हुआ तो कटरी क्षेत्र के गांवों पर हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
देवी पुरवा ग्राम प्रधान सुशीला ने बताया कि अभी तो थोड़ा पानी छोड़ा गया है। अगर प्रशासन ने यहां 26 हेक्टेयर में किए गए बालू खनन के पट्टे पर खनन की अनुमति दी तो इन गांवों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ जाएगा। ग्रामीणों में रामनरेश, गोविंद, प्रमोद, सुशील, राजकुमार, रामऔतार ने बताया कि बारिश में यहां हर साल बाढ़ आती है। तीन महीने तक गांव के लोग बाढ़ राहत शिविरों, सड़कों या ऊंचाई वाले अन्य स्थानों पर गुजारा करते हैं। अगर यहां खनन हुआ तो गंगा की धारा अपना रास्ता बदल सकती है। गांवों के बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहेगा।
एसडीएम सदर दिनेश कुमार ने बताया कि प्रधामंत्री के दौरे के कारण गंगा नदी में पानी छोड़ा गया है। इसी वजह से जलस्तर बढ़ा है। बताया कि एक दो दिन में जलस्तर घट जाएगा। उनके अनुसार बालू खनन से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। पर्यावरण विभाग से अनुमति के बाद ही खनन पट्टे की स्वीकृति हुई है।