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Unnao News: जालसाजों ने निकाल ली काट, अब डिस्चार्ज के बाद अंगूठा

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उन्नाव। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 2023 में बायोमीट्रिक को अनिवार्य किया गया। इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने व डिस्चार्ज होने पर मरीज का अंगूठा लगवाया जाता है। अब जालसाजों ने इसकी भी काट निकला ली है। फर्जी मरीज को डिस्चार्ज करने के 24 घंटे बाद सुविधानुसार उसे बुलाकर अंगूठा लगवाया जा रहा है। मामले जिम्मेदार फिलहाल जांच कराने की बात कह रहे हैं।
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गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक की चिकित्सकीय सहायता देने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री योजना शुरु की गई थी। योजना में फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए थे। जिसके बाद शासन ने मरीज के अस्पताल में भर्ती होने का समय जांचने व उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए बायोमीट्रिक व्यवस्था शुरु की थी।
शुरुआत में यह औपचारिकता केवल भर्ती के समय पूरी होती थी। बाद में नियम सख्त करते हुए डिस्चार्ज के समय भी बायोमीट्रिक पुष्टि आवश्यक कर दी गई। नियमों के अनुसार इसकी प्रक्रिया पूरी न होने पर अस्पताल के इलाज खर्च का भुगतान रोका जा सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार फर्जीवाड़े में संलिप्त अस्पताल संचालक और कर्मचारियों ने इस नियम की भी काट निकाल ली है।
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फर्जी मरीज को कागजी तौर पर डिस्चार्ज कर घर भेज दिया जाता है। इसके 24 घंटे बाद या मरीज की सुविधा के अनुसार उसे दोबारा अस्पताल बुलाया जाता है और बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवा दिया जाता है। इस तरह ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड में डिस्चार्ज के समय नियमानुसार बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाना प्रतीत होता है। इससे न सिर्फ लाभार्थियों का हक मारा जा रहा है बल्कि शासन पर भी अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

मामले की जानकारी करने के लिए नोडल अधिकारी डॉ. जयराम सिंह से कहा गया है। हालांकि अबतक किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।-डॉ. एके शर्मा, सीएमओ
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