बीघापुर। ग्राम प्रधान ने गांव के ही एक दलित युवक को तीन महीने बंधक बनाकर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। युवक मौका पाकर भाग निकला और आईजी को आपबीती बताई। आईजी के निर्देश पर बारासगवर थाना पुलिस ने गढ़ेवा गांव के वर्तमान व पूर्व प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बीघापुर सीओ घटना की तफ्तीश कर रहे हैं।
बारासगवर थानाक्षेत्र के गढ़ेवा गांव निवासी राधेश्याम कुरील का आरोप है कि ग्राम प्रधान संतोष ने तीन महीने पहले बहाने से बुलाया और पूर्व प्रधान योगेंद्र सिंह, पप्पू सिंह व मुन्ना सिंह की मदद से उसे मारापीटा और गांव के बाहर बने एक पशु बाड़े़ की कोठरी में बंधक बना लिया। पूर्व व वर्तमान प्रधान ने अपने राजनीतिक विरोधी राधेश्याम के खिलाफ अपहरण समेत कई मामले दर्ज करा दिए।
राधेश्याम के मुताबिक गुरुवार की रात वह मौका पाकर भाग निकला और अपने एक रिश्तेदार के यहां लखनऊ पहुंच गया। उसने पुलिस महानिरीक्षक से गुहार लगाई। आईजी के निर्देश पर बीघापुर पुलिस ने अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज किया है। घटना की तफ्तीश कर रहे बीघापुर सीओ माजिद अब्सार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है। वहीं पूर्व प्रधान योगेंद्र सिंह का कहना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।