बाढ़ में कटा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग। संवाद
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उन्नाव। गंगा की बाढ़ न सिर्फ लोगों बेघर किया है बल्कि आवागमन में भी बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। बाढ़ में जिले से कानपुर के शिवराजपुर को जोड़ने वाला मार्ग कट गया है। परियर-बिठूर मार्ग पर पानी भरने से प्रशासन ने आवागन बंद करा दिया है। दोनों मार्ग बंद होने वाहनों को अब 30 से 40 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
फतेहपुर चौरासी क्षेत्र को कानपुर के शिवराजपुर से जोड़ने वाला कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग गंगा की बाढ़ में कट गया। इससे बांगरमऊ और फतेहपुर चौरासी के लोगों को कानपुर आने-जाने में 30 से 40 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसान इसी मार्ग से सब्जी ले जाकर कानपुर में बेचते थे। 200 से अधिक शिक्षक रोज इसी मार्ग से उन्नाव से कानपुर और कानपुर से उन्नाव के लिए सफर करते थे। अर्जुनपुर, भुलभुलिया खेड़ा आदि गांवों के बच्चे इसी रास्ते से पढ़ने शिवराजपुर और कानपुर जाते हैं। उन्हें अब दूसरे मार्गों से जाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है। हालांकि सिंचाई और लोक निर्माण विभाग आंशिक रूप से बचे मार्ग को पत्थर से भरी बोरियां डाल कर बचाने का प्रयास कर रहा है।
परियर बाढ़ की चपेट में आये परियर-बिठूर मार्ग में पानी भर जाने के कारण प्रशासन ने खतरे को देखते हुए इसे बंद करा दिया। इससे स्थानीय लोगों की समस्या बढ़ गई। उन्हें अब 20 से 25 किलोमीटर का चक्कर लगाकर कानपुर, चौबेपुर व मंधना जाना पड़ता है। वहीं बड़े वाहनों का इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद है। उन्नाव-बिठूर के बंद होने के कारण सफीपुर, बांगरमऊ, चकलवंशी, मियागंज से बिठूर कानपुर जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। बाइक और कार तो बसधना होते हुए गंगा बैराज के रास्ते कानपुर पहुंच रही है।
पुल के रास्ते को बोरियां और बैरीकेड लगाकर बंद किए जाने से भारी वाहनों को उन्नाव होते हुए कानपुर-लखनऊ हाईवे के रास्ते जाना पड़ रहा है। कानपुर से चकलवंशी होते हुए हरदोई, संडीला और लखनऊ जाने वाले वाहनों का भी प्रभावित हो गया है।
बाढ़ में कटा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग। संवाद- फोटो : mathura