फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: महिला लेखपाल को 50 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

विज्ञापन
फोटो- 31- घूस लेती पकड़ी गई महिला लेखपाल को मौरावां थाने से लखनऊ लेकर जारी एंटीकरप्श्न टीम। संव - फोटो : mathura
विज्ञापन
पुरवा/मौरावां (उन्नाव)। एंटीकरप्शन टीम ने शुक्रवार की दोपहर पुरवा तहसील में तैनात महिला लेखपाल को 50 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल ने विधि छात्र से तीन बिस्वा प्लॉट व्यावसायिक उपयोग में दर्ज करने के नाम पर 75 हजार रुपये घूस मांगी थी। टीम लेखपाल को लेकर मौरावां थाना लेकर पहुंची। लिखापढ़ी करने के बाद लखनऊ लेकर चली गई।
विज्ञापन

पुरवा तहसील क्षेत्र के देवमई गांव निवासी अवधेश कुमार विधि छात्र हैं। वह कचहरी में अधिवक्ता जीतू सिंह यादव के सहयोगी के रूप में भी काम करते हैं। अवधेश के मुताबिक उन्होंने तहसील क्षेत्र के अकोहरी गांव के पास सरकारी डिग्री कॉलेज के पास तीन बिस्वा का प्लॉट खरीदा था। प्लॉट को व्यावसायिक उपयोग के लिए दर्ज कराना था। लेखपाल ममता प्रजापति से कहा तो उन्होंने 75 हजार रुपये मांगे। आरोप लगाया कि रिपोर्ट लगाने के लिए लेखपाल से कई बार अनुरोध किया लेकिन वह इससे कम रकम पर रिपोर्ट लगाने के लिए तैयार नहीं हुईं। रिपोर्ट लगाने से पहले 50 हजार और काम होने के बाद 25 हजार रुपये देने के लिए कहा।
इस पर आठ सितंबर को लखनऊ जाकर एंटी करप्शन थाने में संपर्क किया। दो दिन से एंटी करप्शन टीम के सदस्य तहसील के आसपास सक्रिय थे। शुक्रवार की दोपहर दो बजे एंटी करप्श्न टीम की प्रभारी एकता त्यागी के नेतृत्व में सात सदस्यी टीम तहसील पहुंची। अवधेश ने जैसे ही 50 हजार रुपये लेखपाल ममता को दिए, इसी दौरान पीछे खड़े टीम के सदस्यों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। नोटों में पाउडर लगा होने से जैसे ही हाथ धुलवाया, रंग छूटा।
विज्ञापन

हालांकि लेखपाल के साथ बैठे दूसरे लेखपालों ने विरोध भी किया। टीम ने पहचान बताकर उन्हें शांत करा दिया। लेखपाल को गाड़ी में बैठाकर मौरावां थाने ले जाया गया। शाम पांच बजे तक लिखापढ़ी पूरी करने के बाद सीएचसी में मेडिकल कराया। मौरावां थानाध्यक्ष कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद टीम लेखपाल को लखनऊ लेकर चली गई।

आजमगढ़ की रहने वाली लेखपाल ने लखनऊ में बनाया है निवास
एंटी करप्श्न टीम के हत्थे चढ़ी लेखपाल ममता प्रजापति मूलत: आजमगढ़ जिले के थाना जहानागंज के गांव अमठा गोपालपुर दौलताबाद की रहने वाली हैं। वह 14 हैवत मवइया मधुवन बिहार काॅलोनी पीजीआई लखनऊ में रह रही हैं। वर्ष 2016 में लेखपाल बनी थीं। 23 जुलाई 2019 को उन्नाव जिले में आई थीं। इसके बाद उन्हें पुरवा तहसील भेजा गया था। उनके पास बनिगांव और अकोहरी गांव का चार्ज था।

विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ने वाले पहले के मामले
-10 मार्च 2025 को विजिलेंस ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिपिक अमित कुमार व अमित भारती को 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था।
- 11 मार्च 2025 को पुरवा के दरोगा राजेंद्र सरोज को एंटी करप्शन ने पांच हजार रुपये की घूस लेते दबोचा था। वर्ष 2011 से अब तक 21 सरकारी कर्मियों को घूस लेते पकड़ा जा चुका है।
-9 अगस्त 2024 को ग्राम सचिव शिबबरन को 50 हजार रुपए घूसे लेते पकड़ा ।

फोटो- 31- घूस लेती पकड़ी गई महिला लेखपाल को मौरावां थाने से लखनऊ लेकर जारी एंटीकरप्श्न टीम। संव- फोटो : mathura

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें