फोटो-11- नेहरु बाग स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्टरी में आग लगने के बाद भवन निकलती लपटे
- फोटो : संवाद
उन्नाव। मगरवारा नेहरूबाग में प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्टरी के गोदाम में शुक्रवार रात एक बजे आग लग गई। चारों तरफ से धुआं और लपटें उठने पर आसपास के लोगों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सीएफओ अनूप सिंह टीम के साथ पहुंचे। पांच दमकल से आग बुझाने में मुश्किल हुई तो कानपुर से भी दो फायर टेंडर मंगाए गए। दीवारें गर्म होकर दरकने के साथ गिरने लगीं। इसी बीच फैक्टरी की पहली मंजिल भी ढह गई।
चपेट में आकर सीएफओ सहित छह कर्मियों को चोटें आईं। तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। शुक्लागंज निवासी फैक्टरी मालिक के अनुसार बिल्डिंग सहित करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है।
गंगाघाट कोतवाली (शुक्लागंज) के मोहल्ला गंगानगर निवासी आशीष साहू की सदर कोतवाली क्षेत्र के नेहरूबाग में दो मंजिला इमारत में प्लास्टिक के कबाड़ से दाना बनाने की फैक्टरी संचालित थी। यहां पुरानी पॉलीथिन, बोतलें व अन्य प्लास्टिक कबाड़ को काटने के बाद गलाकर दाना बनाया जाता था। शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी होने से फैक्टरी बंद थी। रात करीब एक बजे फैक्टरी की पहली मंजिल से तेज धुआं लपटें देख पास के मकान में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। पुलिस को 112 पर घटना की सूचना दी। सीएफओ अनूप सिंह चार दमकल वाहन और टीम के साथ पहुंचे। प्लास्टिक और पॉलीथिन भारी मात्रा में रखे होने से आग बुझाने में मुश्किल हुई तो बीघापुर फायर स्टेशन से एक और दमकल मंगाई। फैक्टरी चारों तरफ से बंद होने से आग की लपटों से दीवारें गर्म होने और धुएं से बनी गैस से दीवारें दरकने लगीं। पानी की बौछार से ईंट टूटकर गिरने लगीं। चपेट में आकर सीएफओ के अलावा एफएसओ राममिलन भारती, लीडिंग फायर मैन गंगाधर मिश्र, प्रमोद कुमार मिश्र, केपी सिंह चालक राजनारायण को चोटें भी आईं। आग नियंत्रित न होते देख कानपुर से दो और दमकल वाहन बुलाए गए। रात करीब तीन बजे आग पर आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि ज्वलनशील सामान होने से रुक-रुक कर लपटें और धुआंं उठता रहा। इसे देखते हुए सीएफओ ने एक दमकल को शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक वहीं लगाए रखा।
सीएफओ अनूप सिंह ने बताया कि शार्टशर्किट होने से आग लगने का अनुमान है। बाद में गहनता से जांच की जाएगी। आग को बुझाने में तीन घंटे लगे। दीवारें गिरने से उन्हें व साथी कर्मियों को चोटें भी आई हैं। गनीमत रही कि छुट्टी होने के कारण कोई कर्मचारी या श्रमिक नहीं था। पास के मकान में रहने वाले पांच लोगों को पहले ही वहां से हटा दिया गया था। एहतियात के तौर पर उस मकान में भी पानी की छिड़काव किया गया था। वहीं फैक्टरी में अग्निशमन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
फोटो-11- नेहरु बाग स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्टरी में आग लगने के बाद भवन निकलती लपटे- फोटो : संवाद
फोटो-11- नेहरु बाग स्थित प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्टरी में आग लगने के बाद भवन निकलती लपटे- फोटो : संवाद