उन्नाव। फर्जी आईडी से मोबाइल सिम चालू कर साइबर अपराधियों को मुंह मांगी कीमत पर बेचने का धंधा जोरों पर है। जांच में 4697 सिम ऐसे मिले हैं, जो जारी जिले से हुए लेकिन इनका इस्तेमाल दूसरे प्रदेशों में आपराधिक गतिविधियों में हुआ है। ऐसे मामले में पांच विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। अपराधों में प्रयोग किए गए 2700 सिम बंद भी कराए गए हैं।
एक ही आईडी पर अलग-अलग कंपनियों के कई सिम जारी कर मोटी कमाई की जा रही है। साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामले सामने आने पर एसपी दीपक भूकर ने साइबर सेल से जांच कराई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। जिले के 707 विक्रेता (प्वाइंट ऑफ सेल ) चिह्नित हुए। इनमें दुकानदार और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क किनारे अस्थाई रूप से सिम बेचने वाले भी शामिल हैं।
जांच में एकमुश्त फर्जी आईडी पर सर्वाधिक सिम बेचने वाले पांच विक्रेताओं पर साइबर सेल प्रभारी ब्रजेश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है।
हसनगंज की ठाकुर मोबाइल शॉप ने फर्जी आईडी पर 120 सिम और राघवेंद्र मोबाइल शॉप से 120 सिम बेचे गए। बिहार थाना क्षेत्र की इमरान मोबाइल शॉप से 300, अमित टेलीकॉम से 250 और विकास शॉप से 85 सिम बेचे गए। सभी के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
ऐसे 707 विक्रेता चिह्नित किए गए, जिनके द्वारा बेचे गए सिम साइबर अपराधों में प्रयोग किए गए हैं। इसके अलावा 2700 सिम ब्लॉक भी कराए गए हैं। आगे की जांच जारी है।