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जनता कर्फ्यू में एकजुट हुए परिवार

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जनता कर्फ्यू के चलते घर में अखबार पढ़ती महिलाएं व मस्ती करते बच्चे। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जनता द्वारा लगाए गए जनता कर्फ्यू ने लंबे समय बाद लोगों को एकजुट कर दिया। 23 घंटे घर में बिताने वाले लोगों में किसी ने परिवारीजनों व बच्चों के साथ घरों में रहकर इनडोर गेम खेला। किसी ने सुंदरकांड का पाठ करके भगवान से सबके कल्याण की कामना की।
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कोरोना महामारी का प्रकोप कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था। जनता ने भी प्रधानमंत्री के आह्वान का जोरदार समर्थन किया। इस कर्फ्यू ने परिवारों को एकजुट कर दिया। शहर के मोहल्ला मोतीनगर निवासी नवीन सिन्हा पेशे से क्रिकेटर हैं। सामान्य दिनों में वह सुबह से शाम तक क्रिकेट प्रैक्टिस करते हैं। हालांकि कर्फ्यू के दौरान वह अपने परिवार के साथ घर में रहे और लूडो व शतरंज खेलकर समय बिताया। इसके अलावा बीच-बीच में टीवी पर न्यूज भी देखते रहे। वहीं, घर की महिलाएं अखबार व बच्चे साइकिलिंग में व्यस्त रहे। शहर के बाबूगंज निवासी अधिवक्ता अमर धीरेंद्र ने अपने बच्चों, पत्नी, मां और भतीजों के साथ कमरे में समय व्यतीत किया। भतीजा तनय पढ़ाई में तो दूसरा भतीजा काशी मोबाइल पर गाने सुनने में व्यस्त रहा। बेटे रुद्रा ने खूब साइकिल चलाई। अमर अपने छोटे बेटे भीम को गोद में लेकर अपनी पत्नी शालू के संग टीवी पर न्यूज देखने में व्यस्त रहे।
चकलवंशी कस्बा निवासी प्रेम द्विवेदी ने पत्नी निशा द्विवेदी अपने परिवार के साथ घर में सुंदरकांड का पाठ कर समय बिताया। हेलमेट रैली निकालने वाले समाजसेवी राधेश्याम ने अपने बच्चों और परिवार के साथ कैरम खेला। खुमानखेडा गांव में बच्चों ने सुनसान सड़क पर क्रिकेट खेला। भिनकीपुर गांव के किसान बेड़ी से खेत का पानी निकालकर फ सल की सिंचाई में व्यस्त रहे। खंती से मछलियां पकड़ कर जनता कर्फ्यू का सम्मान किया। बालामऊ रेलमार्ग पर ट्रेनों के रद्द होने के बाद भी स्टेशन मास्टर विजय कुमार मास्क लगाकर मौजूद रहे। कहा कि ट्रेन रद होने की सूचना कई दिन पूर्व चस्पा की गई हैं। जिससे यात्री स्टेशन पर नहीं आए।
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